हरियाणा के करनाल जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में बड़ी लापरवाही बरतने के आरोप में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से 12 बूथ लेवल अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।

करनाल। जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर अभियान के सरकारी कार्य में बड़ी लापरवाही बरतने वाले बूथ लेवल अधिकारियों पर प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। जिला उपायुक्त एवं मुख्य जिला निर्वाचन अधिकारी डॉक्टर आनंद कुमार ने बड़ा एक्शन लेते हुए एक साथ 12 बीएलओ को तत्काल प्रभाव से नौकरी से निलंबित कर दिया है। इस कड़े प्रशासनिक फैसले के बाद से पूरे सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है। Karnal BLO Suspended Election Duty की इस बड़ी कार्रवाई के बाद प्रशासन ने साफ कर दिया है कि निर्वाचन जैसे अति संवेदनशील कार्य में किसी भी तरह की कोताही स्वीकार नहीं होगी।

दो विधानसभा क्षेत्रों पर गिरी गाज

मुख्य जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी किए गए आधिकारिक निलंबन आदेशों के अनुसार, करनाल विधानसभा क्षेत्र के 9 और घरौंडा विधानसभा क्षेत्र के 3 बूथ लेवल अधिकारियों को इस कार्रवाई के दायरे में लिया गया है। इन सभी चिन्हित अधिकारियों पर मतदाता सूची के इस विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में मिलीं निर्धारित जिम्मेदारियों का गंभीरता से पालन नहीं करने और अपने मूल काम में भारी उदासीनता बरतने का गंभीर आरोप है। उपायुक्त के कड़े आदेश जारी होते ही इन सभी संबंधित कर्मचारियों का निलंबन तुरंत धरातल पर प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है।

लोकतांत्रिक व्यवस्था में ढिलाई मंजूर नहीं

इस कड़ी कार्रवाई के बाद उपायुक्त डॉक्टर आनंद कुमार ने स्पष्ट रूप से कहा कि निर्वाचन संबंधी सभी सरकारी कार्य हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिम्मेदारियों में से एक हैं। ऐसे बड़े राष्ट्रीय महत्व के काम में और खासकर मतदाता सूची के पुनरीक्षण जैसे अति महत्वपूर्ण जन अभियान में किसी भी स्तर पर की गई लापरवाही, अनियमितता या फिर उदासीनता को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि विभाग के प्रत्येक छोटे-बड़े अधिकारी और कर्मचारी को पूरी ईमानदारी, पूर्ण पारदर्शिता और उच्च जिम्मेदारी के साथ अपने आवंटित दायित्वों का निर्वहन करना होगा।

तय समय सीमा में काम करने के निर्देश

उपायुक्त ने जिले के सभी शेष बीएलओ और निर्वाचन कार्य से जुड़े संबंधित सुपरवाइजरों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप इस विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करें। उन्होंने कहा कि एसआईआर अभियान को त्रुटिहीन तरीके से सफल बनाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। डॉक्टर आनंद कुमार ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि भविष्य में भी किसी अन्य कर्मचारी द्वारा चुनावी कार्य में नियमों की अनदेखी की गई, तो उसके खिलाफ भी इससे बड़ी कठोर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।