करनाल के कर्ण विहार क्षेत्र के पास बाइक पर आए दो अपराधियों ने एक व्यक्ति की स्कूटी गिराकर और लोहे की रॉड से हमला कर 43 हजार 200 रुपये लूट लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर संदिग्ध मोटरसाइकिल नंबर और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
करनाल। जिले में कर्ण विहार के नजदीक दिनदहाड़े बदमाशों द्वारा आतंक मचाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए दो अपराधियों ने एक व्यक्ति का पीछा कर उसकी स्कूटी को टक्कर मार दी। इसके बाद बदमाशों ने पीड़ित को लोहे की छड़ और चाकू दिखाकर डराया, उसके साथ मारपीट की और 43 हजार 200 रुपये की नगदी छीनकर चंपत हो गए। इस हिंसक वारदात के बाद जख्मी व्यक्ति को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।
नगला चौक से किया पीछा
सूरज नगर के रहने वाले पीड़ित रविचंद्र ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि वह किसी कानूनी काम के सिलसिले में 43 हजार 200 रुपये लेकर कोर्ट जा रहे थे। जब वह नगला चौक से कर्ण विहार की तरफ बढ़े, तभी एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार दो लड़कों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। शेखपुरा-सोहाना नहर के पास खतरा महसूस होने पर पीड़ित ने अपनी स्कूटी मोड़कर भागने का प्रयास किया, लेकिन अपराधियों ने उन्हें घेर लिया।
मोबाइल तोड़ा और नकदी छीनी
पीड़ित के मुताबिक जैसे ही उन्होंने मदद के लिए डायल-112 पुलिस सेवा को कॉल करने का प्रयास किया, हमलावरों ने उनका फोन छीनकर जमीन पर पटक दिया। इसके बाद बदमाशों ने उन पर लोहे की रॉड से वार किए, जिससे उन्हें काफी चोटें आई हैं। वारदात को अंजाम देकर आरोपी नगदी समेटकर फरार हो गए। रविचंद्र ने पुलिस को बताया कि उन्हें हमलावरों की गाड़ी का नंबर HR 60N 5651 याद रह गया था, जिसे उन्होंने जांच टीम को सौंप दिया है।
जांच में आया पारिवारिक मोड़
मामले की तफ्तीश में जुटी पुलिस टीम जब अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में पीड़ित के बयान दर्ज करने पहुंची, तो इस घटना में एक नया मोड़ सामने आया। पीड़ित की पत्नी ने आशंका जताई है कि इस वारदात के पीछे उनकी ननद का बेटा यानी रिश्तेदार शामिल हो सकता है। पुलिस की शुरुआती कॉल डिटेल खंगालने पर पता चला है कि घटना से ठीक पहले आरोपी और पीड़ित आपस में फोन पर बातचीत कर रहे थे, जिसके कारण पुलिस अब लूट के साथ-साथ आपसी रंजिश के कोण से भी मामले को देख रही है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने रविचंद्र की तहरीर पर केस दर्ज कर अपराधियों की धरपकड़ के लिए जाल बिछा दिया है। घटना स्थल के आस-पास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज निकाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों के भागने की दिशा का पता लगाया जा सके। इसके साथ ही पीड़ित द्वारा बताए गए बाइक नंबर के आधार पर नाकाबंदी कर संदिग्धों की सघन तलाशी ली जा रही है।

