Dharm Desk – वैदिक ज्योतिष के अनुसार, देवगुरु बृहस्पति 15 जुलाई से 9 अगस्त तक अस्त (दग्ध) होने वाले हैं. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान शादी, मुंडन, जनेऊ और अन्य शुभ मांगलिक कामों पर लगभग 25 दिनों तक रोक रहेगी. वैदिक ज्योतिष में गुरु ग्रह को सबसे शुभ और कल्याण कारी ग्रहों की गिनती में गिना जाता है. जो विवाह, संतान, पढ़ाई, धर्म और भाग्य का कारक बनता है. इस दौरान गुरु सूर्य के बहुत करीब होने की वजह से आसमान में दिखाई नहीं देंगे, जिसे ‘गुरु तारा डूबना’ कहा जाता है.

इस अवधि में विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन और नए कामों की शुरुआत जैसे शुभ कार्यों पर रोक लगाने की परंपरा है. हालांकि पूजा-पाठ, उपवास और पहले से चल रहे कार्य जारी रख सकते हैं. गुरु इस वक्त कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं, जो उनकी उच्च राशि मानी जाती है, इसलिए असर पूरी तरह नकारात्मक नहीं होगा, लेकिन जीवन के कई क्षेत्रों में धीमापन और सोच-समझकर फैसले लेने की आवश्यकता और अधिक बढ़ती है. गुरु अस्त की यह अवधि धैर्य, संयम और सोच-समझकर फैसल लेने का समय है. बड़े शुभ कार्यों को टालना और आत्मचिंतन, साधना व नियमित कार्यों को ध्यान पूर्वक करना इस दौरान अधिक लाभकारी माना जाता हैं.
- मेष राशि – गुरु अस्त होने से मेष राशि वालों को करियर और पारिवारिक मामलों में संतुलन बनाए रखने की जरूरत होगी. कार्यों में देरी संभव है, इसलिए धैर्य रखें और जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें.
- वृषभ राशि – वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक मामलों में सावधानी का संकेत दे रहा है. निवेश और खर्च को नियंत्रित रखें, साथ ही रिश्तों में बातचीत बनाए रखना जरूरी होगा.
- मिथुन राशि – मिथुन राशि वालों को करियर और धन से जुड़े मामलों में गलतफहमी का सामना करना पड़ सकता है. किसी भी बड़े फैसले से पहले अच्छी तरह विचार करना जरूरी रहेगा.
- कर्क राशि – कर्क राशि में गुरु के गोचर के कारण इस राशि के जातकों पर प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहेगा. फिर भी स्वास्थ्य और भावनात्मक संतुलन पर ध्यान देना जरूरी होगा.
- सिंह राशि – सिंह राशि के लोगों को इस समय खर्च बढ़ने और योजनाओं में विलंब का सामना करना पड़ सकता है. मानसिक तनाव से बचने के लिए सकारात्मक सोच बनाए रखना जरूरी है.
- कन्या राशि – कन्या राशि वालों को अपने कार्यक्षेत्र में सावधानी रखने की जरूरत है. सहयोगियों के साथ तालमेल बनाना और किसी भी नई योजना को फिलहाल टालना बेहतर रहेगा.
- तुला राशि – तुला राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में धीमापन ला सकता है. अधिकारियों के साथ संबंधों में संयम रखें और धैर्यपूर्वक काम करें.
- वृश्चिक राशि – वृश्चिक राशि के लोगों के लिए गुरु अस्त का प्रभाव कम रहेगा. भाग्य का साथ बना रहेगा, लेकिन फिर भी किसी भी फैसले को सोच समझ कर आगे बढ़ाना होगा.
- धनु राशि – धनु राशि वालों को आर्थिक मामलों में संभाल कर रहने की आवश्यकता है. निवेश और उधार से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी से बचें और योजनाओं को व्यवस्थित रखें.
- मकर राशि – मकर राशि के जातकों को संबंधों और साझेदारी में सावधानी रखनी होगी. किसी भी प्रकार के झगड़े से बचें और संयम के साथ परिस्थितियों को संभालें.
- कुंभ राशि – कुंभ राशि वालों को सेहत और दिनचर्या पर खास ध्यान देने की आवश्यकता है. कार्यक्षेत्र में मेहनत अधिक करनी पड़ सकती है, लेकिन परिणाम मिलने में समय लग सकता है.
- मीन राशि – मीन राशि के जातकों के लिए यह समय अपेक्षाकृत बेहतर रहेगा. गुरु का असर सकारात्मक रहेगा, लेकिन फिर भी बड़े फैसलों में सावधानी और संतुलन बनाए रखना जरूरी है.

