निगमायुक्त सलोनी शर्मा ने करनाल में जलभराव रोकने के लिए अधिकारियों को 30 जून तक सभी मुख्य नालों की सफाई पूरी करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
सुमन चौहान,करनाल। मानसून के दौरान शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो और नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए नगर निगम आयुक्त सलोनी शर्मा शनिवार को स्वयं फील्ड में उतरीं। उन्होंने इंजीनियरिंग एवं स्वच्छता शाखा के अधिकारियों के साथ करीब तीन घंटे तक शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने Karnal Nala Safai Inspection करते हुए प्रमुख बरसाती नालों, ड्रेनों तथा डिस्पोजल पम्पों का बारीकी से निरीक्षण किया और मौके पर चल रहे सफाई कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इससे पूर्व नगर निगम कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में निगमायुक्त ने सभी कार्यकारी अभियंताओं से उनके डिवीजन में चल रहे नालों की सफाई कार्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा मानसून से पहले सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। कार्यकारी अभियंताओं ने जानकारी दी कि शहर के अधिकांश प्रमुख नालों की लगभग 80 प्रतिशत सफाई हो चुकी है तथा शेष कार्य भी तेजी से जारी है।

प्रमुख स्थानों का सघन निरीक्षण
निगमायुक्त ने सबसे पहले मॉडल टाउन क्षेत्र से मुगल कैनाल में मिलने वाले नाले का निरीक्षण किया। इसके पश्चात महाराजा अग्रसेन चौक से आई.टी.आई. चौक, आई.टी.आई. चौक से बुढ़ाखेड़ा, गांव बुढ़ाखेड़ा, उचानी व बलड़ी, एस.पी. कॉलोनी, ड्रेन नंबर-1, कर्ण कैनाल (मुगल कैनाल) फेज-1, 2 एवं 3, जाटों गेट, चांद सराय तथा हांसी चौक से बगवाडय़िा गैस एजेंसी को जाने वाले नाले का निरीक्षण कर सफाई कार्यों को देखा। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने कार्यकारी अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि 30 जून तक सभी मुख्य नालों की सफाई का कार्य पूर्ण किया जाए। साथ ही छोटे नालों एवं नालियों की सफाई भी प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरी करवाई जाए। उन्होंने कहा कि नालों से निकलने वाली गाद को लंबे समय तक किनारों पर न छोड़ा जाए, बल्कि उसका तत्काल उठान सुनिश्चित किया जाए, ताकि दोबारा नालों में गाद न जाए और यातायात या स्वच्छता संबंधी कोई समस्या उत्पन्न न हो।

डिस्पोजल पम्पों को रखने के निर्देश
उन्होंने निर्देश दिए कि शहर के सभी डिस्पोजल पम्प पूर्ण रूप से क्रियाशील स्थिति में रहें। प्रत्येक पम्पिंग स्टेशन पर आवश्यक मैनपावर, वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था के लिए जनरेटर सेट तथा अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध रहें, ताकि बारिश के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा आने पर जल निकासी प्रभावित न हो। उन्होंने कार्यकारी अभियंताओं को नियमित रूप से रैंडम साइट विजिट करने तथा कनिष्ठ अभियंताओं को प्रतिदिन सफाई कार्यों का निरीक्षण कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने राम नगर नाले की सफाई कर रही एजेंसी के प्रतिनिधि को तत्काल प्रभाव से श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा किया जा सके। बता दें कि काछवा रोड से मीरा घाटी आई.पी.एस. तक लगभग 4.5 किलोमीटर लंबे राम नगर नाले में अब तक करीब 3 किलोमीटर नाले की सफाई की जा चुकी है तथा शेष कार्य भी युद्धस्तर पर पूरा करने के लिए निर्देशित किया गया है।
टूटी स्लैब बदलने का आदेश
उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर नालों की स्लैब क्षतिग्रस्त या टूटी हुई हैं, वहां नई स्लैब शीघ्र लगाई जाए, ताकि नालों में कूड़ा-कचरा न गिरे और जल निकासी व्यवस्था बाधित न हो। मुख्य सफाई निरीक्षक एवं सभी सफाई निरीक्षकों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक वार्ड में नालियों एवं छोटे बरसाती नालों की सफाई अभियान को और तेज किया जाए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित बरसाती नालों की सफाई भी समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि गांवों में संचालित पशु डेयरियों से निकलने वाला गोबर एवं अन्य अपशिष्ट बरसाती नालों में न जाने पाए, क्योंकि इससे जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होती है। निगमायुक्त ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे नालों एवं नालियों में कूड़ा, प्लास्टिक, निर्माण सामग्री अथवा अन्य अपशिष्ट न डालें। बरसात के दौरान प्रभावी जल निकासी सुनिश्चित करने में प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। नगर निगम पूरी गंभीरता के साथ मानसून से पूर्व सभी तैयारियों को पूरा कर रहा है।

