करनाल। पिछले धान खरीद सीजन में सामने आए करीब 32 करोड़ रुपये के घोटाले के बाद करनाल जिला प्रशासन ने इस बार खरीद व्यवस्था को लेकर सख्त तैयारी शुरू कर दी है। उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने अधिकारियों को खरीद शुरू होने से पहले सभी जरूरी इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का फोकस अवैध धान की आवक रोकने और मंडियों में खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर रहेगा।
SDM की अनुमति के बिना स्टेशन नहीं छोड़ सकेंगे मंडी सचिव
प्रशासन के निर्देश के मुताबिक मंडी सचिव अब उपमंडल मजिस्ट्रेट यानी SDM की अनुमति के बिना अपना स्टेशन नहीं छोड़ पाएंगे। इसके साथ ही बाहरी राज्यों और दूसरे जिलों से आने वाले धान की जांच के लिए जिले की सीमाओं पर विशेष नाके लगाए जाएंगे। इससे अवैध तरीके से धान लाकर सरकारी खरीद व्यवस्था में खपाने की कोशिशों पर नजर रखी जाएगी।
बिडिंग रजिस्टर की रिपोर्ट सीधे DC कार्यालय पहुंचेगी
मंडियों में होने वाली बोली प्रक्रिया पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी। बिडिंग रजिस्टर की रोजाना रिपोर्ट सीधे उपायुक्त कार्यालय भेजी जाएगी। वहीं गेटपास व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए खरीद सीजन से पहले इसका डेमो भी कराया जाएगा, ताकि प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
CCTV से मंडियों की हर गतिविधि पर नजर
धान खरीद के दौरान मंडियों में CCTV कैमरों से निगरानी की जाएगी। कैमरों की रिकॉर्डिंग का पर्याप्त बैकअप रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। SDM खुद मंडियों का दौरा कर व्यवस्थाओं की जांच करेंगे और जरूरी कमियों को समय रहते दूर कराया जाएगा।
आवक का अनुमान कृषि विभाग की रिपोर्ट से होगा
प्रशासन इस बार मंडियों में धान की अनुमानित आवक भी कृषि विभाग की रिपोर्ट के आधार पर तय करेगा। इसके अलावा मंडियों में बिजली, पीने का पानी, शौचालय, सफाई, पार्किंग, तिरपाल और बारदाने जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
1 अक्टूबर से शुरू होनी है खरीद
धान की सरकारी खरीद सामान्य तौर पर 1 अक्टूबर से शुरू होती है। हालांकि इस बार किसान संगठनों ने सरकार से 15 सितंबर से ही खरीद शुरू करने की मांग की है। ऐसे में प्रशासन ने खरीद प्रक्रिया को लेकर अपनी तैयारियां पहले से तेज कर दी हैं।



