करनाल पुलिस ने सोशल मीडिया पर ड्राई फ्रूट्स का विज्ञापन देकर 4 लाख रुपये ठगने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
सुमन चौहान, करनाल। जिला पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने 4 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सहायक उप निरीक्षक कृष्ण कुमार और फूलकुमार की देखरेख में पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से इन आरोपियों को दबोचा। गिरोह ने शिकायतकर्ता विनोद कुमार को फेसबुक पर ड्राई फ्रूट्स खरीदने का झांसा दिया था और फिर रिफंड दिलाने के नाम पर व्हाट्सएप कॉल व क्यूआर कोड का इस्तेमाल कर उनके बैंक खातों से 4 लाख रुपये उड़ा लिए। इस Karnal cyber fraud case में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक रिकॉर्ड का विश्लेषण कर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की है।
उत्तर प्रदेश से पकड़े गए आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शानू और मोहसिन के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के खुर्जा नगर के निवासी हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी गई राशि को आरोपियों ने कई संदिग्ध बैंक खातों में ट्रांसफर किया था। पुलिस ने तकनीकी जांच और व्हाट्सएप रिकॉर्ड को खंगालने के बाद 2 जून 2026 को खुर्जा में दबिश दी और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं, जो ठगी के नेटवर्क को उजागर करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। पुलिस फिलहाल इन खातों की गहन जांच कर रही है ताकि अन्य संदिग्धों को भी जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
पुलिस ने दी सावधानी बरतने की सलाह
दोनों आरोपियों को आज अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की तलाश जारी है। जिला पुलिस करनाल ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर आने वाले किसी भी लुभावने विज्ञापन या रिफंड के दावों पर भरोसा न करें। अनजान व्यक्ति के कहने पर क्यूआर कोड स्कैन करना या यूपीआई पिन साझा करना जोखिम भरा हो सकता है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर सेल को दें। करनाल पुलिस भविष्य में भी इस प्रकार के साइबर अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

