Bihar news: पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के कटिहार रेल मंडल अंतर्गत रेल बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक बड़ा तकनीकी कार्य शुरू किया जा रहा है। कटिहार-मनियान-कुरेठा-डंडखोरा-सनोली रेलखंड पर जारी दोहरीकरण परियोजना को अंतिम रूप देने के लिए 16 जून से 19 जून तक प्री-नॉन इंटरलॉकिंग (प्री-एनआई) और नॉन इंटरलॉकिंग (एनआई) का कार्य किया जाएगा। इस दौरान नई सिग्नलिंग और इंटरलॉकिंग प्रणाली को इंस्टॉल करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

​26 ट्रेनों का परिचालन रहेगा रद्द

​रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा मानकों और तकनीकी कार्यों की गंभीरता को देखते हुए कुल 26 ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया है। प्रभावित होने वाली मुख्य सेवाओं में मुख्य रूप से पैसेंजर और डीएमयू ट्रेनें शामिल हैं। इनमें कटिहार-मालदा टाउन पैसेंजर, कटिहार-राधिकापुर पैसेंजर, कटिहार-जोगबनी पैसेंजर और कटिहार-सिलीगुड़ी पैसेंजर जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं, जो निर्धारित अवधि में विभिन्न तिथियों पर रद्द रहेंगी।

​16 एक्सप्रेस ट्रेनों का बदला रूट

​केवल रद्द ही नहीं, बल्कि 14 जून से 19 जून के मध्य 16 प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के मार्ग में भी अस्थाई बदलाव किए गए हैं। इन ट्रेनों को अपने पारंपरिक मार्ग के बजाय वैकल्पिक रास्तों से होकर गुजारा जाएगा। प्रभावित ट्रेनों में रोहतक-कामाख्या एक्सप्रेस, चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस, पनवेल-न्यू अलीपुरद्वार एक्सप्रेस, गोमतीनगर-कामाख्या एक्सप्रेस और देवघर-अगरतला एक्सप्रेस शामिल हैं। इनमें से अधिकांश ट्रेनें अब कटिहार-पूर्णिया-अररिया कोर्ट-ठाकुरगंज-सिलीगुड़ी जंक्शन रेलखंड से होकर संचालित होंगी। इस रूट बदलाव के कारण पूर्णिया-ठाकुरगंज रेलखंड पर अचानक ट्रैफिक का दबाव बढ़ने की संभावना है।

​यात्रियों के लिए क्या हैं निर्देश?

​रेलवे अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने स्पष्ट किया है कि यह अस्थायी असुविधा भविष्य में यात्रियों को सुगम और सुरक्षित रेल यात्रा का दीर्घकालिक लाभ प्रदान करेगी। दोहरीकरण कार्य संपन्न होने के बाद इस सेक्शन पर ट्रेनों की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
​हालांकि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेनों की वास्तविक स्थिति, रूट और समय-सारणी की आधिकारिक वेबसाइट या एनटीईएस (NTES) ऐप के माध्यम से जांच अवश्य कर लें। किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी से बचने के लिए अद्यतन जानकारी रखना ही सबसे उचित उपाय है। रेलवे इस तकनीकी कार्य को तय समय सीमा में पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।