​कटिहार। बिहार की कटिहार पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने एक संयुक्त अभियान में बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। रविवार रात को पुलिस ने मुसापुर गांव निवासी मो. अहद (22) को गिरफ्तार किया। आरोपी न केवल पाकिस्तानी आतंकियों के संपर्क में था बल्कि देश में बम धमाके जैसी दहलाने वाली घटनाओं को अंजाम देने की फिराक में था।

​पाकिस्तानी हैंडलर्स से सीधा जुड़ाव

​खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली थी कि मो. अहद सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर राणा हुनैन उर्फ राणा हुसैन के लगातार संपर्क में है। राणा, पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी का मुख्य गुर्गा बताया जा रहा है। एसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम, जिसमें आईबी, एटीएस और एसटीएफ शामिल थे ने मुसापुर चौक पर घेराबंदी कर आरोपी को कोढ़ा अस्पताल के सामने से दबोच लिया।

​संवेदनशील स्थानों की रेकी और डिजिटल साठगांठ

​पुलिस जांच में आरोपी के मोबाइल से देश विरोधी गतिविधियों के ठोस सबूत मिले हैं। मो. अहद पाकिस्तानी हैंडलर के इशारे पर काम कर रहा था। वह देश के कई संवेदनशील इलाकों की रेकी कर रहा था और वहां की लोकेशन व महत्वपूर्ण इनपुट डिजिटल माध्यम से सीधे पाकिस्तान भेज रहा था। आरोपी कट्टरपंथी सामग्री साझा कर समाज में नफरत फैलाने और हिंदू-मुस्लिम एकता को तोड़ने का भी काम कर रहा था।

स्लीपर सेल तैयार करने की साजिश

पूछताछ में एक और नाम सामने आया है मुंगेर के तारापुर निवासी मो. सद्दाम, जो इस नेटवर्क का सक्रिय सदस्य है। मो. अहद न केवल हथियार और सामग्री जुटाने के प्रलोभन में था बल्कि वह स्थानीय युवाओं का ब्रेनवाश कर स्लीपर सेल तैयार करने में जुटा था। उसने पाकिस्तान संचालित एक कट्टरपंथी व्हाट्सएप चैनल के जरिए कटिहार और पूर्णिया के युवाओं को जोड़ने का जाल फैलाया था। उसका मुख्य उद्देश्य भारत में हिंसक जिहाद को बढ़ावा देना था।

​जांच जारी

​पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। यह गिरफ्तारी न केवल एक बड़े आतंकी हमले को रोकने में महत्वपूर्ण रही बल्कि सीमा पार से संचालित हो रहे आतंकी मॉड्यूल की कलाई खोलने में भी सहायक साबित हुई है। आरोपी के पास से मिले डिजिटल सबूतों के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है।