इंदर कुमार, कटनी/जबलपुर। मध्य प्रदेश के कटनी जिले से जुड़े चर्चित ऑनलाइन गेमिंग और 12 करोड़ रुपये के मनी ट्रेल मामले में हाईकोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। जांच में पक्षपात और बड़े रसूखदार लोगों को बचाने के आरोपों पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पूरे मामले की निष्पक्ष और निष्पक्षता से जांच कराने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
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चार्जशीट से पहले मुख्य संदिग्धों से पूछताछ न करने पर उठे सवाल
याचिकाकर्ता का आरोप है कि 12 करोड़ रुपये के भारी-भरकम मनी ट्रेल में कई बड़े और प्रभावशालियों के नाम सामने आए थे लेकिन पुलिस जांच में उन्हें जानबूझकर बाहर रखा गया।
कोर्ट के समक्ष यह बात लाई गई कि मामले में चार्जशीट दाखिल करने से पहले कटनी कंप्यूटर के मालिक समेत अन्य प्रमुख संदिग्धों से आवश्यक पूछताछ तक नहीं की गई। इस सट्टेबाज़ी और ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड मामले में योगेश बजाज और अन्य को आरोपी बनाया गया है।
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जांच में हुई इस गंभीर लापरवाही और लीपापोती को आधार बनाकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने डीजीपी को निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
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