अमित पाण्डेय, खैरागढ़। शहर के बहुचर्चित और विवादित एडवर्ड पार्क भूमि मामले में प्रशासनिक आदेशों की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला प्रशासन और नगर पालिका द्वारा जांच पूरी होने तक यथास्थिति बनाए रखने तथा निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए जाने के बावजूद मौके पर निर्माण गतिविधियां लगातार जारी हैं। विवादित भूमि पर भवनों की दीवारें खड़ी की जा रही हैं, निर्माण सामग्री पहुंच रही है और मजदूर नियमित रूप से काम करते दिखाई दे रहे हैं।

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काम बंद करने के आदेश के बावजूद जारी है निर्माण कार्य

जानकारी के अनुसार, नगर पालिका द्वारा काम बंद करने का नोटिस चस्पा किया जा चुका है, लेकिन इसके बाद भी निर्माण कार्य नहीं रुका। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि जब निर्माण पर रोक के आदेश प्रभावी हैं तो फिर निर्माण सामग्री किसकी अनुमति से पहुंच रही है और काम किसके संरक्षण में जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आदेश केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर उनका पालन होता दिखाई नहीं दे रहा।

मुख्य मार्ग पर स्थित भूमि, फिर भी कार्रवाई पर सवाल

मामले की एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि विवादित भूमि मुख्य मार्ग पर स्थित है, जहां से जिला प्रशासन, राजस्व विभाग और नगर पालिका के अधिकारियों का नियमित आवागमन होता है। इसके बावजूद निर्माण कार्य पर रोक नहीं लग पाना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। नागरिकों का सवाल है कि जो निर्माण कार्य आम लोगों को साफ दिखाई दे रहा है, वह जिम्मेदार अधिकारियों की नजर में क्यों नहीं आ रहा।

प्रशासनिक रवैये पर उठे सवाल

शहर में प्रशासन के दोहरे रवैये को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। छोटे अतिक्रमणों, ठेला-गुमटी और गरीबों के अस्थायी निर्माणों पर अक्सर सख्त कार्रवाई करने वाला प्रशासन इस मामले में अपेक्षाकृत नरम दिखाई दे रहा है। लोगों का कहना है कि यदि कोई सामान्य नागरिक आदेशों की अवहेलना करता तो अब तक नोटिस, जुर्माना और कार्रवाई हो चुकी होती। विवादित भूमि पर लगातार जारी निर्माण ने यह बहस भी छेड़ दी है कि क्या प्रशासनिक आदेशों का सम्मान केवल आम लोगों के लिए है या फिर प्रभावशाली लोगों के लिए अलग व्यवस्था है। यदि यथास्थिति आदेश लागू है तो उसके उल्लंघन पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही और यदि निर्माण वैध है तो प्रशासन को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

सीएमओ ने दी कार्रवाई की चेतावनी

पूरे मामले में खैरागढ़ नगर पालिका के सीएमओ पुनीत वर्मा ने कहा कि काम बंद कर यथास्थिति बनाए रखने संबंधी नोटिस चस्पा किए जाने के बाद भी यदि निर्माण कार्य जारी पाया जाता है तो संबंधित निर्माण सामग्री जब्त करने तथा आवश्यक अनुमतियां (एनओसी) निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

अब शहर की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं। देखना यह होगा कि प्रशासन अपने ही आदेशों का पालन सुनिश्चित कर पाता है या विवादित भूमि पर जारी निर्माण कार्य प्रशासनिक सख्ती को चुनौती देता रहेगा।

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