पटना। चर्चित शिक्षक फैजल खान जिन्हें खान सर के नाम से जाना जाता है की अग्रिम जमानत याचिका पर आज कोर्ट में सुनवाई होगी। इस मामले में न केवल खान सर बल्कि उनके दो बॉडीगार्ड्स की जमानत पर भी फैसला आने की पूरी संभावना है। यह सुनवाई उस महत्वपूर्ण मोड़ पर हो रही है जहां कोर्ट ने पिछली सुनवाई (30 जून) में पुलिस से हथियारों से संबंधित दस्तावेजों की मांग की थी।
क्या है पूरा मामला?
मामले की पिछली सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक ने आरोप लगाया था कि खान सर के सुरक्षाकर्मियों द्वारा दहशत फैलाने के इरादे से फायरिंग की गई थी और उनके पास मौजूद हथियार अवैध थे। इसके विपरीत, बचाव पक्ष के वकील अरविंद मौआर ने दावा किया था कि सभी हथियार लाइसेंसी हैं और संबंधित दस्तावेज पुलिस द्वारा पहले ही जब्त किए जा चुके हैं। इसी विरोधाभास के चलते कोर्ट ने आज (3 जुलाई) को जांच अधिकारी (IO) से दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है।
बॉडीगार्ड्स के हथियारों में विसंगतियां
पुलिस जांच में खान सर के दोनों बॉडीगार्ड्स के हथियारों को लेकर कई गंभीर खुलासे हुए हैं:
- तालेबर सिंह का मामला: कासगंज (यूपी) निवासी तालेबर सिंह का हथियार का लाइसेंस ऑल इंडिया परमिट वाला नहीं पाया गया। आरोपी के पास उत्तर प्रदेश से बिहार में हथियार लाने या वहां सुरक्षा ड्यूटी करने की कोई वैध अनुमति नहीं थी। साथ ही, बिहार में हथियार के साथ काम करने की सूचना स्थानीय पुलिस या आर्म्स मजिस्ट्रेट को नहीं दी गई थी।
- प्रदीप कुमार का मामला: दूसरे बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार के हथियार का लाइसेंस उसके पिता की मृत्यु के बाद ‘सेल्फ डिफेंस’ के लिए जारी हुआ था। जांच में सामने आया कि इस लाइसेंस का निजी सुरक्षा एजेंसी में व्यावसायिक उपयोग करना मानकों का उल्लंघन है।
खान सर की भूमिका पर सवाल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, फैजल खान ने अपने बॉडीगार्ड्स को नियुक्त करते समय न तो उनका पुलिस वेरिफिकेशन कराया और न ही सुरक्षाकर्मियों के हथियारों के बारे में प्रशासन को अवगत कराया। एक जिम्मेदार व्यक्ति के तौर पर सुरक्षा मानकों का पालन न करना और बिना उचित सत्यापन के अवैध हथियारों का उपयोग होने देना अब उनके लिए कानूनी मुसीबत का कारण बन गया है।
अब आज की सुनवाई में आईओ द्वारा पेश किए जाने वाले दस्तावेजों के आधार पर ही कोर्ट तय करेगा कि क्या खान सर और उनके सहयोगियों को अग्रिम जमानत दी जाएगी या उनकी मुश्किलें और बढ़ेंगी।

