कुंदन कुमार, पटना। नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने राज्य के युवाओं और छात्र वर्ग के लिए एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक राजनीतिक एलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि राज्य में उनकी सरकार बनते ही हालिया छात्र आंदोलन के दौरान पुलिसिया दमन और लाठीचार्ज में घायल हुए युवाओं, छात्रों और आंदोलनकारियों को जेपी सेनानियों की तर्ज पर सरकारी नौकरी और पेंशन दी जाएगी।
शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के लिए सुरक्षा और न्याय का वादा
तेजस्वी यादव ने अपने इस बयान में साफ तौर पर कहा है कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। लेकिन हाल के दिनों में जिस प्रकार से छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और उन पर झूठे मुकदमे (FIR) दर्ज किए गए, वह बेहद निंदनीय है।
- उन्होंने स्पष्ट शब्दों में यह विश्वास दिलाया है कि:
- छात्र आंदोलन के दौरान घायल होने वाले प्रत्येक युवा का पूरा ख्याल रखा जाएगा।
- जिन युवाओं और छात्रों पर पुलिस ने दमनकारी नीतियां अपनाते हुए मुकदमे दर्ज किए हैं या जिन्हें जेल जाना पड़ा है, सरकार बनने के बाद उन सभी मामलों की समीक्षा कर उन्हें न्याय दिया जाएगा।
- ऐसे सभी योद्धाओं को सम्मानित करते हुए उनकी आर्थिक सुरक्षा के लिए जेपी सेनानियों की तरह पेंशन और सरकारी नौकरी की पक्की व्यवस्था की जाएगी।
पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और रोजगार पर विशेष फोकस
यह एलान केवल लाठी-गोली के पीड़ितों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक व्यापक नीति का संदेश छिपा है। तेजस्वी यादव ने इस बात पर जोर दिया कि बिहार के युवा लंबे समय से निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग कर रहे हैं। परीक्षाओं में लगातार हो रहे भ्रष्टाचार, पेपर लीक और बेरोजगारी के खिलाफ आवाज उठाना कोई गुनाह नहीं है, बल्कि यह राज्य के भविष्य को बचाने की लड़ाई है।
उन्होंने छात्रों को आश्वस्त किया है कि रोजगार, भ्रष्टाचार के खात्मे और पारदर्शी व्यवस्था के लिए संघर्ष करने वाले हर एक छात्र के साथ उनकी पार्टी और वे खुद हर कदम पर चट्टान की तरह खड़े हैं। यह घोषणा आने वाले चुनावों के मद्देनजर युवाओं को अपने पाले में लाने और राजनीतिक समीकरणों को साधने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


