NEET UG 2026 Cancelled: नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने पर पटना के मशहूर शिक्षक और यूट्यूबर खान सर की बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। खान सर ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि NEET पेपर रद्द होना लाखों छात्रों के आत्मविश्वास के साथ खिलवाड़ है, उनका कॉन्फिडेंस तोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि, सबसे दुर्भाग्यवश बात यह है कि 2 साल पहले 2024 में भी ऐसी ही घटनाएं हुई थी। CBI जांच हुई, जिसका कोई नतीजा नहीं निकला। जिससे उनका मनोबल बढ़ गया और उन्होंने ऐसा फिर से किया।

खराब होता है लाखों बच्चों का भविष्य- खान सर

खान सर ने कहा कि, लाखों बच्चों का भविष्य इससे खराब होता है। सबसे हास्यास्पद बात यह है कि इसकी जानकारी किसी एजेंसी ने नहीं दी बल्कि इसकी जानकारी सबसे पहले बच्चों ने सरकार के पास पहुंचाई। सरकार की एजेंसी को यह सबसे पहले पता चलना चाहिए। NTA का नाम ‘नेवर ट्रस्टेबल एजेंसी’ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि, इतनी घटिया व्यवस्था है और इसकी जांच CBI को दी गई है, जब तक उन बच्चों की MBBS की पढ़ाई पूरी होगी तब तक CBI किसी नतीजे पर आएगा।

SC के रिटायर्ड जज को ऑबजर्वर बनाने की मांग

खान सर ने बड़ी मांग करते हुए कहा कि, सुप्रीम कोर्ट के किसी रिटायर्ड जज को इसका ऑबजर्वर बनाना चाहिए और एक निश्चित समय सीमा के अंदर जो जिम्मेदार है उसे कड़ी सजा होनी चाहिए। प्रधानमंत्री को इसमें व्यक्तिगत रूप से शामिल होना चाहिए और उन लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलानी चाहिए।

फिजिक्स वाला के CEO अलख पांडे का बयान

वहीं, फिजिक्स वाला के CEO अलख पांडे ने NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने पर कहा कि, यह बहुत दुखद है…23 लाख बच्चे थे जो इस परीक्षा को देने वाले थे… 1 करोड़ लोग हैं, जो आज दुखी है। एक पूरा घर था जो लड़ रहा था कि अपने बच्चे को डॉक्टर बनाएंगे और बच्चा खुश होकर आता है कि उसका पेपर अच्छा गया, उसे सरकारी कॉलेज मिल जाएगा लेकिन फिर उसे पता चलता है कि उसके बगल में जो बच्चा बैठा था उसके पास पूरा पेपर था। क्यों? क्योंकि उस बच्चे के पिता अमीर थे।

सिस्टम से उठता है बच्चों का भरोसा- अलख पांडे

अलख पांडे ने कहा कि, बच्चों का पूरे सिस्टम से भरोसा उठता है, जब ऐसी चीजें होती हैं। NTA ने लिखा था कि ये कोई स्कूल की परीक्षा नहीं है, ये राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है। आप चैन की नींद सोएं हम परीक्षा संभाल लेंगे। फुल प्रूफ सिस्टम है। उन्होंने कहा कि, इससे अच्छा तो स्कूल की परीक्षा होती है। इतनी बड़ी राष्ट्रीय एजेंसी का पेपर लीक हो जाता है, जो बच्चे डॉक्टर बनने जा रहे हैं उनका सपना टूट जाता है। बच्चों के बारे में सोचिए कि वे कितने दबाव में होंगे।

22 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा

बता दें कि एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) ने पेपर लीक होने की वजह से 3 मई को आयोजित हुई नीट यूजी 2026 की परीक्षा को रद्द कर दिया है, जिसके बाद से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्य प्रणाली पर एक बार फिर से गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, देशभर में पेपर लीक मुद्दे को लेकर बहस भी शुरू हो गई है। इस परीक्षा में करीब 22 लाख छात्र शामिल हुए थे। नीट पेपर के रद्द होने से छात्रों में मायूसी और गहरी नाराजगी है।

ये भी पढ़ें- ‘तेजस्वी का कान खराब या तो उनकी आंख’, जानें शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने क्यों कही ये बात?