​पटना: शहर स्थित खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैसल खान, जिन्हें खान सर के नाम से जाना जाता है, कानूनी शिकंजे में फंसते नजर आ रहे हैं। 2 जून की रात उनके कोचिंग सेंटर पर हुए हमले और उसके बाद हुई गोलीबारी के मामले में कदमकुआं थाने में खान सर के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 के तहत हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

​गार्ड्स के बयान से बढ़ा संकट

​पुलिस द्वारा दर्ज FIR का मुख्य आधार खान सर के बॉडीगार्ड्स का बयान है। गार्ड्स ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि फायरिंग के दौरान खान सर ने उनसे कहा था तुम गोली चलाओ, बाकी हम देख लेंगे। इस बयान के सामने आने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए खान सर को नामजद आरोपी बनाया है। इस धारा के तहत 10 साल तक की कैद और भारी जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही, इसमें अग्रिम जमानत मिलने की संभावना न के बराबर है। मामले की गंभीरता को देखते हुए IG कार्यालय में उच्च-स्तरीय बैठकें की जा रही हैं।

​खान सर का पक्ष: सब कुछ सेल्फ डिफेंस में हुआ

​मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए खान सर ने कहा कि उन्हें FIR की आधिकारिक जानकारी नहीं है, लेकिन वे जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार हैं। उन्होंने अपने गार्ड्स का बचाव करते हुए कहा कि हमले के दौरान स्थिति हिंसक थी और पुलिस को पहुंचने में समय लगना स्वाभाविक था। उन्होंने तर्क दिया, गार्ड इसी दिन के लिए रखे जाते हैं कि वे समय पड़ने पर बचाव कर सकें। यह सब सेल्फ डिफेंस में हुआ है।

​छात्रों के बीच वीडियो और फीस का मुद्दा

​FIR के बाद खान सर का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह क्लासरूम में छात्रों को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने CCTV फुटेज दिखाकर दावा किया कि कोचिंग के गार्ड को 20-25 लोगों ने सड़कों पर बेरहमी से पीटा, लेकिन हमलावरों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। खान सर ने भावुक अपील करते हुए कहा कि यदि उनका संस्थान बंद हुआ, तो अन्य कोचिंग संस्थान अपनी फीस बढ़ाकर 1 से 1.5 लाख रुपये तक कर देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य मात्र धन अर्जित करना नहीं है।

​पुलिस की कार्रवाई और स्थिति

​घटना के तुरंत बाद पुलिस ने दोनों बॉडीगार्ड्स को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब खान सर को नामजद किए जाने के बाद कोचिंग पर उनके वकीलों की मौजूदगी बढ़ गई है। पुलिस ने छात्रों से सतर्क रहने और किसी भी कोचिंग सेंटर के बहकावे में न आने की अपील की है। वर्तमान में पटना प्रशासन इस मामले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी कर रहा है।