कुंदन कुमार/ पटना। भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने हाल ही में राजनीति और देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति पर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे एक कलाकार हैं और उनका प्राथमिक दायित्व अपने संगीत और कला के प्रति है, न कि राजनीति में उलझना।
’अपराधी की कोई जाति नहीं होती’
खेसारी ने अपराध और राजनीति से जुड़े सवालों पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि, “अपराधी की कोई जाति नहीं होती, वह अपराधी होता है।” उन्होंने राजनीति से दूरी बनाते हुए कहा कि ये सरकार के विषय हैं और वे इन मुद्दों पर अपनी राय देकर किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते। उनके लिए वही व्यक्ति महत्वपूर्ण है जिससे उनका लगाव है और जो उनके करीब है।
आर्थिक मंदी और सिनेमा पर संकट
देश में बढ़ती महंगाई, पेट्रोल और गैस की कीमतों पर चिंता जताते हुए खेसारी ने कहा कि वर्तमान आर्थिक माहौल में फिल्म रिलीज करना एक बड़ा जोखिम है। उन्होंने कहा, “जब हर तरफ महंगाई है, तो आम आदमी सबसे पहले अपना बजट बचाने की कोशिश करता है। लोग सिनेमाघरों में आने के बजाय अपने परिवार के भविष्य के लिए पैसे बचाना ज्यादा जरूरी समझेंगे।” उन्होंने माना कि आने वाले समय में हर किसी को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए सभी को समझदारी से अपना बैलेंस बनाकर चलना होगा।
कलाकारों से की मदद की अपील
महंगाई की मार झेल रहे गरीब वर्ग के लिए खेसारी ने एक भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को है जिनके पास बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। उन्होंने मनोज तिवारी सहित बिहार और बॉलीवुड के तमाम कलाकारों व उद्योगपतियों से आगे आने का आग्रह किया है। खेसारी ने कहा, “आप सभी ने जनता के प्यार और समर्थन से कमाया है। अब समय है कि देशहित में, अपनी क्षमता के अनुसार चंदा इकट्ठा करें और उस राशि को जरूरतमंदों तक पहुंचाएं। भारतीय संस्कृति की खूबसूरती यही है कि हम संकट के समय एक-दूसरे का हाथ थामते हैं।”
खेसारी लाल यादव का यह बयान न केवल उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि समाज के प्रति एक कलाकार की जिम्मेदारी का भी अहसास कराता है।

