कुमार उत्तम, मुजफ्फरपुर। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान अमर शहीद खुदीराम बोस का 118वां शहादत दिवस मंगलवार को मुजफ्फरपुर में पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के साथ-साथ उनके पैतृक राज्य पश्चिम बंगाल से पहुंचे कई विशिष्ट अतिथियों ने उन्हें नम आंखों से याद किया और अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

​भोर में 4 बजे केंद्रीय कारा पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी

​शहादत दिवस के कार्यक्रमों की शुरुआत अहले सुबह से ही हो गई थी। निर्धारित कार्यक्रम के तहत ठीक सुबह 4:00 बजे तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरीवर दयाल, जिलाधिकारी (DM) कुमार गौरव, और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश मिश्रा समेत जिले के तमाम वरीय प्रशासनिक अधिकारी खुदीराम बोस केंद्रीय कारा पहुंचे।
​अधिकारियों ने उस ऐतिहासिक सेल का दौरा किया जहां खुदीराम बोस को कैद रखा गया था। इसके पश्चात, जेल परिसर स्थित उसी फांसी स्थल पर जाकर सभी ने बारी-बारी से पुष्प अर्पित किए, जहां उन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। जेल के अंदर श्रद्धांजलि देने के बाद, अधिकारियों ने जेल मुख्य द्वार के बाहर स्थापित अमर शहीद खुदीराम बोस की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

कंपनी बाग स्थित स्मारक पर दी गई गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी

केंद्रीय कारा के बाद प्रशासनिक अमला शहर के मशहूर कंपनी बाग पहुंचा। कंपनी बाग स्थित खुदीराम बोस स्मारक वही ऐतिहासिक स्थल जहां उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ बम फेंका था वहां पहुंचकर अधिकारियों ने उन्हें सशस्त्र बलों द्वारा बंदूकों की सलामी (गार्ड ऑफ ऑनर) दी। इस दौरान मौजूद सभी गणमान्य लोगों ने स्मारक पर माल्यार्पण कर उनके अदम्य साहस और देशप्रेम को नमन किया।

​पश्चिम बंगाल और मेदिनीपुर से पहुंचे विशेष अतिथि

​खुदीराम बोस की शहादत को याद करने के लिए इस वर्ष उनके पैतृक जिले पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर से विशेष तौर पर प्रकाश हालदार और अनिरुद्ध हालदार मुजफ्फरपुर पहुंचे थे।
​इसके अतिरिक्त, कोलकाता से आए दिलीप प्रमाणिक, आकाशी प्रमाणिक, अरिंदम भौमिक और चंद दास ने भी केंद्रीय कारा पहुंचकर शहीद की वेदी पर पुष्प अर्पित किए। पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले वायु सेना के चार से अधिक सेवारत व सेवानिवृत्त अधिकारियों ने भी विशेष रूप से मुजफ्फरपुर पहुंचकर फांसी स्थल और स्मारक पर श्रद्धांजलि दी।