Kota Murder Case: कोटा जिले के कैथून थाना इलाके में सात साल पहले हुई एक खूनी वारदात का फैसला आज कोर्ट ने सुना दिया है। आपसी रंजिश के चलते एक युवक की हत्या के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए एक ही परिवार के 10 लोगों को दोषी करार दिया और सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा के साथ ही कोर्ट ने सभी दोषियों पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

क्या था पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद साल 2019 का है। कैथून के गलाना में बालापुरा लिफ्ट सिंचाई परियोजना के चुनाव हुए थे। चुनाव में मेघराज नाम का व्यक्ति अध्यक्ष चुना गया था। जीत के बाद जब मेघराज का विजय जुलूस निकाला जा रहा था, तभी अभिमन्यु नाम के युवक ने अपनी गाड़ी से जुलूस में टक्कर मार दी। यही छोटी सी घटना दोनों परिवारों के बीच पुरानी रंजिश की आग को भड़काने वाली साबित हुई।
जुलूस से घर तक हुआ हमला
सूत्रों के मुताबिक, इस घटना के बाद मेघराज और उसका परिवार आक्रोशित हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि हमलावर सीधे अभिमन्यु के घर पहुंच गए। इस दौरान जमकर लाठी-डंडे चले और ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं। दुर्भाग्यवश, एक गोली अभिमन्यु को जा लगी, जिससे मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। इस मामले में कोर्ट में कुल 40 गवाह पेश किए गए। मुख्य आरोपी तीर्थ राज नागर और उसके परिवार के अन्य सदस्यों को दोषी पाया गया। इस मामले में कोर्ट ने सभी 10 दोषियों को उम्रकैद और 40 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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