बराड़ा। हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के सवालों का तथ्यों और तर्कों के साथ जवाब देने को लेकर कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी की कार्यशैली की प्रशंसा की गई है। सेंट्रल वाल्मीकि सभा इंडिया के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष मोहन परोचा और महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया परोचा ने कहा कि बेदी आत्मविश्वास, हाजिर-जवाबी और राजनीतिक अनुभव के साथ सदन में सरकार का पक्ष मजबूती से रखते हैं। उन्होंने कहा कि कठिन सवालों का संयम और स्पष्टता के साथ जवाब देना उनकी राजनीतिक परिपक्वता को दर्शाता है।

सेंट्रल वाल्मीकि सभा इंडिया के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष मोहन परोचा व सेंट्रल वाल्मीकि सभा इंडिया (महिला विंग) की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया परोचा ने एक विशेष बातचीत के दौरान बताया कि हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ओजस्वी स्वभाव, स्पष्टवादिता, राजनीतिक अनुभव और प्रभावशाली संवाद शैली के लिए विशेष पहचान रखते हैं। विधानसभा के सदन में जब विपक्ष की ओर से सरकार से तीखे सवाल पूछे जाते हैं, तब सदन में विपक्ष के सवालों का तथ्यों के साथ जवाब देना उनकी राजनीतिक परिपक्वता और हाजिर-जवाबी को दर्शाता है।

उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे प्रश्नों से घबराने के बजाय उन्हें गंभीरता से लेते हैं और विषय के मूल तक जाकर उत्तर देने का प्रयास करते हैं। सदन में उनका आत्मविश्वास, विषय की समझ और तुरंत उपयुक्त जवाब देने की क्षमता उन्हें एक प्रभावी वक्ता के रूप में स्थापित करती है।

इस अवसर पर सोनिया परोचा ने कहा किविधानसभा लोकतंत्र का वह मंच है, जहाँ सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को जनता के प्रति जवाबदेह होना पड़ता है। ऐसे में कृष्ण कुमार बेदी का विपक्ष के प्रश्नों का सामना पूरे आत्मविश्वास के साथ करना इस बात का संदेश देता है कि सरकार जनहित से जुड़े सवालों पर संवाद और जवाबदेही के लिए तैयार है। हरियाणा विधानसभा के वर्तमान सत्र में भी बड़ी संख्या में प्रश्न सूचीबद्ध हैं, जिससे सदन में प्रश्नोत्तर और चर्चा का महत्व स्पष्ट होता है।बेदी जी की कार्यशैली में तथ्य, तर्क और त्वरित प्रतिक्रिया का सुंदर समन्वय दिखाई देता है।

उनकी हाजिर-जवाबी केवल राजनीतिक प्रत्युत्तर तक सीमित नहीं, बल्कि कठिन प्रश्नों को सहज भाषा में समझाने की क्षमता भी है। यही कारण है कि उनके उत्तरों में आत्मविश्वास के साथ-साथ राजनीतिक अनुभव की झलक दिखाई देती है।

हाल ही में गत दिनों उनकी मध्यस्थता से ग्रामीण चौकीदारों की समस्याओं का निपटान किया गया तथा सफाई कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे पर भी उन्होंने बातचीत के माध्यम से समाधान की दिशा में सकारात्मक भूमिका निभाई उनकी कुछ मांगों पर सहमति बनने की बात कही। यह उनके संवाद और समाधान-केंद्रित दृष्टिकोण का एक उदाहरण है। कृष्ण कुमार बेदी की पहचान केवल एक मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि ऐसे जनप्रतिनिधि के रूप में बनती है जो कठिन सवालों के सामने भी संयम नहीं खोते, तथ्यों के साथ अपनी बात रखते हैं और सदन में सरकार का पक्ष प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हैं।

उनकी वाक्पटुता, हाजिर-जवाबी और राजनीतिक सूझबूझ निश्चित रूप से प्रशंसा के योग्य है। यह कोई अतिशयोक्ति नहीं है कि वर्तमान में हरियाणा सरकार के पूरे मंत्रिमंडल में उनके अलावा सदन में बेबाकी और आत्मविश्वास के साथ किसी भी प्रश्न का सामना करने और इसका सटीक जवाब देने की जो हिम्मत और ताकत उनमें है इसका कोई सानी नहीं है विधानसभा में उनके आत्मविश्वासपूर्ण उत्तर लोकतांत्रिक बहस को मजबूती देते हैं और यह विश्वास जगाते हैं कि जनहित से जुड़े प्रश्नों का उत्तर देने के लिए सरकार का प्रतिनिधि पूरी तैयारी और दृढ़ता के साथ सदन में उपस्थित है। कृष्ण कुमार बेदी अपनी प्रभावशाली कार्यशैली, बेबाक जवाबों, हाजिर-जवाबी और जनहित के प्रति समर्पित दृष्टिकोण के लिए हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे उत्तरी भारत में एक विशेष पहचान रखते हैं।