कैथल में आयोजित बुद्धिजीवी सम्मेलन में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सरकार हर वर्ग की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
राकेश कथूरिया, कैथल। स्थानीय हिंदू गर्ल्स स्कूल में रविवार को एक भव्य बुद्धिजीवी सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। इस सम्मेलन में शहर के प्रमुख उद्योगपतियों, व्यापारियों, शिक्षाविदों, चिकित्सकों, अधिवक्ताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपने महत्वपूर्ण सुझाव व समस्याएं मंत्री के समक्ष रखीं। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर भाजपा जिलाध्यक्ष ज्योति सैनी तथा मुख्य आयोजक सौरभ चौधरी ने मुख्य अतिथि को पारंपरिक पगड़ी पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। इससे पहले Krishan Kumar Bedi Kaithal visit कार्यक्रम के दौरान जिलाध्यक्ष ज्योति सैनी की गरिमामयी अध्यक्षता में सभी उपस्थित जनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय ‘मन की बात’ कार्यक्रम को भी ध्यानपूर्वक सुना।
जनहित की नीतियां तैयार करना प्राथमिकता
बुद्धिजीवी सभा को विस्तार से संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की यह मुख्य सोच है कि सरकार को प्रत्येक वर्ग के बीच सीधे जाकर उनकी जमीनी समस्याओं को गहराई से समझना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी जुड़ाव के बाद प्राप्त होने वाले बहुमूल्य सुझावों के आधार पर ही जनहित की नई नीतियां तैयार की जाती हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार केवल अपनी पुरानी उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार तक ही सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि वह समाज के हर वर्ग की वास्तविक व व्यावहारिक जरूरतों को पूरी तरह समझकर उनका समयबद्ध तरीके से स्थाई समाधान करने को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानती है।
उद्योगपति और कारोबारी अर्थव्यवस्था की रीढ़
मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने अपने संबोधन में आगे कहा कि हरियाणा के चहुंमुखी विकास में स्थानीय व्यापारियों और उद्योगपतियों का बहुत ही अमूल्य योगदान रहा है। वर्तमान में प्रदेश की एक बहुत बड़ी आबादी विभिन्न प्रकार की जनकल्याणकारी सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ उठा रही है, जबकि राज्य के जागरूक करदाता, उद्योगपति और छोटे-बड़े कारोबारी दिन-रात मेहनत करके प्रदेश की पूरी अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हैं। इसीलिए मौजूदा राज्य सरकार उन्हें केवल एक साधारण करदाता के रूप में नहीं देखती, बल्कि उन्हें पूरे प्रदेश की वास्तविक आर्थिक रीढ़ मानती है। सरकार उद्योगपतियों और व्यापारियों के व्यापारिक हितों की रक्षा करने तथा उनकी हर समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए पूरी तरह से वचनबद्ध है।

