कुरुक्षेत्र। पिता की मौत की खबर ने कनाडा में बैठे बेटे को भीतर तक झकझोर दिया। सूचना मिलते ही सागर भारत के लिए रवाना हुआ और अपने पैतृक गांव पहुंचा। सोमवार को जब पिता सब इंस्पेक्टर कर्मवीर सिंह की अंतिम यात्रा निकली तो बेटे ने नम आंखों से उन्हें मुखाग्नि दी। इस मार्मिक दृश्य ने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं।

अंबाला के नग्गल थाना प्रभारी रहे SHO कर्मवीर सिंह (50) का सोमवार को कुरुक्षेत्र जिले में पिहोवा स्थित रामगढ़ रोड के पैतृक स्थान पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। 29 अगस्त को नग्गल थाने में गोली लगने से उनकी मौत हो गई थी।

कर्मवीर सिंह की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार, पुलिस अधिकारी-कर्मी और सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल हुए। परिवार के लिए यह पल बेहद कठिन था। पत्नी रानी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। उनकी बेटी रवीना भी अंतिम संस्कार में मौजूद रही।

पुलिस ने शस्त्र उल्टे कर दी श्रद्धांजलि

अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस की टुकड़ी ने शस्त्र उल्टे कर दिवंगत अधिकारी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद शोक गार्ड ने शस्त्र सलामी देकर उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। पुलिस की सलामी और गोलियों की आवाज के बीच कर्मवीर सिंह के परिवार और परिचितों ने उन्हें आखिरी विदाई दी।

अंबाला SP ने पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

अंबाला के SP अजीत सिंह शेखावत भी कर्मवीर सिंह के पैतृक गांव पहुंचे। उन्होंने पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित किया और परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। SP ने परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिया। पुलिस विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए।

करीब 28 साल की पुलिस सेवा, इसी साल मिला था सम्मान

कर्मवीर सिंह ने 25 नवंबर 1998 को हरियाणा पुलिस में सिपाही के तौर पर अपनी सेवा शुरू की थी। लगभग 28 वर्षों की नौकरी के दौरान उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं और पदोन्नति पाकर सब इंस्पेक्टर बने। उनकी सेवा का काफी समय अंबाला जिले में बीता। करीब दो वर्षों से वह नग्गल थाना प्रभारी के पद पर तैनात थे।

कर्तव्य के प्रति उनकी निष्ठा को देखते हुए इसी वर्ष गणतंत्र दिवस के मौके पर उन्हें प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया था। सम्मान मिलने के कुछ ही महीनों बाद हुई उनकी अचानक मौत से परिवार के साथ पुलिस विभाग में भी शोक की लहर है।

सरकारी रिवॉल्वर से गोली चलने की जांच जारी

पुलिस के अनुसार, घटना के समय सरकारी रिवॉल्वर की सफाई की जा रही थी। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि सफाई के दौरान अचानक ट्रिगर दब गया और गोली चल गई। हालांकि पुलिस ने इसे अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं माना है। मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है।

बताया गया है कि घटना से कुछ समय पहले कर्मवीर सिंह ने थाने के मुंशी से सरकारी रिवॉल्वर की सफाई को लेकर बातचीत की थी। इसके बाद ही गोली चलने की घटना हुई, जिसमें उनकी जान चली गई।

अब उनके परिवार के सामने 28 साल की पुलिस सेवा की यादें हैं और सबसे मार्मिक तस्वीर वह है, जब कनाडा से लौटे उनके इकलौते बेटे सागर ने अपने पिता को अंतिम विदाई देते हुए मुखाग्नि दी।