कुंदन कुमार, लखीसराय। जिले में स्थित प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया। मंदिर के रास्ते में मची भगदड़ के कारण सात महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 23 से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए हैं। घायलों में तीन की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। यह घटना अशोकधाम स्टेशन से मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग पर हुई।

​कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

​प्रत्यक्षदर्शियों और जिला प्रशासन के मुताबिक, घटना के समय मंदिर परिसर और मार्ग पर भारी भीड़ थी। लखीसराय के जिला मजिस्ट्रेट (DM) शैलेंद्र कुमार ने जानकारी दी कि पुरुषों की लाइन की तरफ एक पोल (खंभा) गिर गया था। इसके बाद अचानक यह अफवाह फैल गई कि लोगों पर बिजली का हाई-वोल्टेज चालू तार गिर गया है। हालांकि, वह कोई बिजली का तार नहीं बल्कि केवल एक डिश या इंटरनेट का केबल वायर था।
​करंट फैलने की इस झूठी अफवाह से श्रद्धालुओं में भारी अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जिससे पुरुषों की तरफ से भारी भीड़ का दबाव महिलाओं की कतार पर आ गया। इस दबाव के कारण बैरिकेडिंग टूट गई और महिलाएं एक-दूसरे के ऊपर गिरती चली गईं, जिससे यह भीषण हादसा हो गया।

​पहचान और घायलों की स्थिति

​प्रशासन ने अब तक हादसे में जान गंवाने वाली चार महिलाओं की पहचान कर ली है। इनमें लखीसराय की रहने वाली मधुबाला देवी, मनमाला देवी, हेमलता देवी और मुंगेर जिले की रिंकू देवी शामिल हैं। अन्य मृतकों की पहचान के प्रयास जारी हैं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

​नेताओं की प्रतिक्रियाएं और मुआवजे का ऐलान

​इस दुखद घटना पर देश और राज्य के शीर्ष नेतृत्व ने गहरा शोक व्यक्त किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है।
​बिहार सरकार के कार्यवाहक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस दुर्घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है।

​दूसरी ओर, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था को दुरुस्त रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन तैयारी और गंभीरता दोनों में भारी कमी देखने को मिली। उन्होंने सरकार से मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने और इस लापरवाही के लिए दोषी अधिकारियों व कर्मियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

​प्रशासन और मंत्रियों का दौरा

​घटना की सूचना मिलते ही बिहार सरकार के मंत्री विजय सिन्हा मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि करंट फैलने की झूठी अफवाह के कारण यह भगदड़ मची थी और इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी हादसे पर दुख जताते हुए इसे अफवाह का परिणाम बताया है। प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि भविष्य में इस तरह की भीड़भाड़ वाली जगहों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि किसी और श्रद्धालु को अपनी जान न गंवानी पड़े।