सुदीप उपाध्याय, बलरामपुर। वाड्रफनगर सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की संदिग्ध मौत मामले में आखिरकार स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। लल्लूराम डॉट कॉम में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद जिला कलेक्टर के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) बलरामपुर ने पूरे मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। इस संबंध में आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है।

गौरतलब है कि लल्लूराम डॉट कॉम ने “अस्पताल में महिला की संदिग्ध मौत से हड़कंप, इंजेक्शन लगने के 10 मिनट बाद बिगड़ी थी हालत, परिजनों ने लापरवाही का लगाया आरोप” शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर में बताया गया था कि वाड्रफनगर क्षेत्र के ग्राम सोनहत निवासी राजकालिया, पति रामअवतार को बुखार की शिकायत के बाद सिविल अस्पताल लाया गया था, जहां इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद उसकी हालत बिगड़ गई थी और करीब 10 मिनट के भीतर उसकी मौत हो गई थी।

परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य कर्मियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा था कि महिला की तबीयत बिगड़ने के बाद समय पर उचित उपचार नहीं दिया गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी और बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए थे।
CMHO ने गठित की जांच समिति
लल्लूराम डॉट कॉम में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर के निर्देश पर CMHO ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। जारी आदेश के मुताबिक जिला चिकित्सालय बलरामपुर के डॉक्टरों और अधिकारियों को जांच टीम में शामिल किया गया है।
जांच समिति में डॉ. रमेश कुमार, डॉ. इंद्र अवधी, सहायक ग्रेड-3 मुकुंद दुबे और जिला चिकित्सालय के डाटा एंट्री ऑपरेटर दीपक साहू को शामिल किया गया है। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह 26 मई 2026 को वाड्रफनगर पहुंचकर मामले की जांच करे और प्रतिवेदन तत्काल कार्यालय में प्रस्तुत करे।
खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया विभाग
सूत्रों के मुताबिक खबर सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पर लगातार सवाल उठ रहे थे। इसके बाद विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच समिति गठित करने का फैसला लिया।
देखें आदेश

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
इधर पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होने की संभावना है। वहीं परिजन अब दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते महिला को सही उपचार मिलता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। अब सभी की नजर जांच समिति की रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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