अभय मिश्रा, मऊगंज। मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से कानून व्यवस्था को तार-तार कर देने वाली एक बेहद हैरान और विचलित करने वाली तस्वीर सामने आई है। सुप्रसिद्ध देवतालाब शिव मंदिर परिसर में, जहां मलमास के आखिरी सोमवार को कई हजार श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए उमड़े थे, वहां पार्किंग माफियाओं ने सरेआम लाठी-डंडों से खूनी खेल खेलना शुरू कर दिया। खौफनाक बात यह है कि इस पूरी वारदात के दौरान अपराधियों के मन से कानून का डर इस कदर गायब था कि वे पुलिस की मौजूदगी में ही आम जनता को बेरहमी से लहूलुहान करते रहे।
मामूली कहासुनी और पार्किंग माफिया का तांडव
मिली जानकारी के अनुसार, नईगढ़ी के दो युवकों को पार्किंग स्टैंड के पास तैनात कर्मियों से किसी बात को लेकर मामूली कहासुनी हो गई थी। इस पर पार्किंग व्यवस्था देख रहे ठेकेदार और उसके 8 से 10 गुंडों ने आव देखा न ताव, और दोनों युवकों पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला बोल दिया। चश्मदीदों के मुताबिक, हमलावरों की अगुवाई कर रहा एक मुख्य शख्स नित्यानंद शुक्ला बताया जा रहा है, जिसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है और वह पूर्व में हत्या का आरोपी भी रह चुका है।
वर्दी पर दाग: सायरन बजता रहा, गुंडे पीटते रहे
इस पूरी घटना ने मऊगंज पुलिस की मुस्तैदी और दावों की पोल खोल कर रख दी है। जब गुंडे बीच सड़क पर दो जिंदगियों को बेरहमी से पीट रहे थे, तब पुलिस की गाड़ी मौके पर सिर्फ सायरन बजाकर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही थी। पुलिसकर्मी गाड़ी से तब उतरे जब मारपीट हद से ज्यादा बढ़ गई। हद तो तब हो गई जब दो पुलिस जवानों के बीच-बचाव करने पहुंचने के बाद भी बेखौफ बदमाश लगातार लाठियां भांजते रहे। पुलिस की इस सुस्ती और लाचारी ने अपराधियों के हौसलों को और बुलंद कर दिया।
श्रद्धालुओं में मची भगदड़, पहले की लापरवाही का नतीजा
पवित्र धाम में अचानक हुई इस भारी मारपीट और चीख-पुकार से मंदिर दर्शन करने आए श्रद्धालुओं में हड़कंप मच गया। महिलाएं और बच्चे अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि देवतालाब मंदिर की पार्किंग में लंबे समय से अवैध वसूली और गुंडागर्दी का खेल चल रहा है। पूर्व में भी कई बार इसकी शिकायतें प्रशासन से की गईं, लेकिन हर बार मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। प्रशासन की इसी ढुलमुल नीति और शह का नतीजा है कि आज इन माफियाओं के हौसले इतने बढ़ चुके हैं कि वे आम जनता को सरेआम अपना शिकार बना रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि मऊगंज जिला प्रशासन और पुलिस विभाग इन बेलगाम गुंडों और मूकदर्शक बने पुलिसकर्मियों पर क्या ठोस कार्रवाई करता है, या फिर हर बार की तरह इस बार भी मामले पर लीपापोती कर दी जाएगी।

