कृष्ण कुमार सैनी , गुरुग्राम । जिले के सोहना स्थित घामडोज टोल प्लाजा पर सोमवार शाम एक मामूली फास्टैग स्कैनिंग विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जहां टोल कर्मचारियों और एक अधिवक्ता के बीच कहासुनी मारपीट तक पहुंच गई। घटना उस समय हुई जब अधिवक्ता रविंद्र अपनी कार से टोल पार कर रहे थे, लेकिन उनका फास्टैग स्कैन नहीं हो पा रहा था। उन्होंने कर्मचारियों से सहायता मांगी, लेकिन आरोप है कि कर्मचारियों ने स्कैन करने से मना कर दिया और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें रोकने की कोशिश की।

स्थिति तब और बिगड़ गई जब अधिवक्ता ने अपनी गाड़ी दूसरी लेन में लगाई, लेकिन वहां भी कर्मचारियों ने कथित रूप से बदसलूकी जारी रखी। पीड़ित के अनुसार, जब उन्होंने पुलिस को फोन करने की बात कही तो कर्मचारियों ने पुलिस के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणी की और ‘हफ्ता देने’ तक की बात कह डाली। इसी दौरान एक महिला कर्मचारी अचानक खिड़की से कूदकर कार के पास पहुंची और गाड़ी का शीशा खींचने की कोशिश की, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।

आरोप है कि इसके तुरंत बाद एक अन्य कर्मचारी ने हाथ मारकर कार का शीशा तोड़ दिया और अधिवक्ता के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान उनके कपड़े भी फाड़ दिए गए। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के अन्य वकील भी मौके पर पहुंच गए, जिससे टोल प्लाजा पर भारी हंगामा खड़ा हो गया और स्थिति बेकाबू होने लगी।

सूचना मिलते ही भोंडसी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। पुलिस ने अधिवक्ता की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करते हुए 4 टोल कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस टोल प्लाजा पर वाहन चालकों के साथ बदसलूकी की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।