कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने समाज सुधार के दो महान स्तंभ महात्मा ज्योतिबा फुले और डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती समारोह में बड़ा संदेश दिया। हरियाणा सिविल सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब के जीवन से हमें कठिन परिस्थितियों में भी सफलता हासिल करने की सीख लेनी चाहिए, जबकि ज्योतिबा फुले के जीवन से समाज सेवा की प्रेरणा मिलती है।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सरकार इन दोनों महापुरुषों के विचारों को केवल भाषणों तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उन्हें नीतियों और व्यवहार में लागू कर समाज में व्याप्त असमानता, भेदभाव और आर्थिक विषमता को खत्म करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हरियाणा की डबल इंजन सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा फुले और बाबा साहेब एक ही सामाजिक चेतना की दो कड़ियां हैं—फुले ने समाज में शिक्षा और जागरूकता की अलख जगाई, तो बाबा साहेब ने उसे संविधान के जरिए मजबूत आधार दिया। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुषों ने शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार माना और दलितों, वंचितों तथा महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जीवनभर संघर्ष किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार भी इसी सोच के साथ काम कर रही है और गरीबों के उत्थान के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 1.60 लाख मकान बनाए गए हैं, साथ ही पात्र लोगों को प्लॉट भी दिए गए हैं, ताकि हर व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन मिल सके।
कार्यक्रम में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने भी बाबा साहेब के योगदान को याद करते हुए कहा कि शिक्षा ही तरक्की का मूल आधार है और समाज को आगे बढ़ाने के लिए इसे प्राथमिकता देनी जरूरी है। समारोह में कई वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी संगठन और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

