”Well begun is half done.” यथाशीघ्र सही शुरुआत जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय है। हर बड़ी उपलब्धि, हर बड़ी यात्रा और हर महान सफलता की नींव एक लघुतम प्रयास ही होता है। लोग सोचते तो बहुत हैं, योजनाएं भी बहुत बनाते हैं मगर शुरुआत करने का साहस नहीं जुटा पाते। विचारों के जाल में उलझे रह जाने वालों के हाथ से, समय फिसल जाता है।
सिर्फ चर्चा करने से कामयाबी नहीं मिलती। विचारों को आकार देने के लिए पहला कदम उठाना ही होता है। लोग यह सोचकर रुक जाते हैं कि सही समय आएगा, परिस्थितियां अनुकूल होंगी तब शुरुआत करेंगे। मगर सही समय” कभी खुद नहीं आता, उसे अपने साहस और आत्मबल से आमंत्रित करना होता है।

आत्मबल हमें डर, संदेह और असफलता के भय से बाहर निकालता है। आत्मबल के कारण ही हम अपने भीतर की शक्ति को पहचान पाते हैं, उस पर भरोसा करते हैं और बिना हिचकिचाहट के आगे बढ़ पाते हैं। याद रखिए बड़े प्रभाव पैदा करने वाले काम की शुरुआत भी छोटी ही होती है।
क्या हम सफल होंगे? लोग क्या कहेंगे? असफल हो गए तो क्या होगा? यही सारे सवाल आगे बढ़ने से रोकने वाले हैं। वही जीवन में आगे बढ़ते हैं जो इन सवालों से ऊपर उठकर शुरुआत करते हैं। असफलता हार नहीं एक सबक है जो हमें और बेहतर प्रयास का अवसर देती है।
“शुरुआत” शब्द नहीं एक प्रेरणा है। जीवन को सकारात्मक रूप देकर जीना चाहते हैं तो आज और अभी से शुरुआत करनी होगी। छोटी-छोटी कोशिशें ही बड़े बदलाव लाती हैं। सपनों को साकार करने के लिए, कोई नई आदत अपनाने के लिए या अपने विचारों में वस्तिविकता का रंग भरने के लिए यथाशीघ्र एक अच्छी शुरुआत जरूरी है।
एक नई शुरुआत से अपने विचारों को कर्म में बदलें। आत्मबल के साथ अपने जीवन को सकारात्मक, उद्देश्यपूर्ण और सफल बनाने की दिशा में आज ही इसी घड़ी शुरुआत क़रें सफलता निश्चित ही कदम चूमेगी।हर सफलता को एक अच्छी शुरुआत का इंतजार रहता है।

सलाहकार संपादक, न्यूज़ 24 मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़/लल्लूराम डॉट कॉम

