चेहरे के मेकअप पर खर्च, लेकिन शहर की बुनियादी व्यवस्था बदहाल; गंदे पानी और बदबू के बीच से स्कूल जाने को मजबूर बच्चे व मंदिर जाने वाले श्रद्धालु
अजय सैनी, भिवानी। शहर के हरजीराम चौक पर लंबे समय से बनी सीवरेज ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों में नगर परिषद और जिला प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। नागरिकों का आरोप है कि एक तरफ शहर के चौराहों और अन्य स्थानों के सौंदर्यीकरण पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ कई प्रमुख इलाकों में लोग आज भी सीवरेज, जलभराव और गंदगी जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हरजीराम चौक पांच प्रमुख सड़कों को आपस में जोड़ता है और यहां से रोजाना बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। इसके बावजूद चौक पर लंबे समय से जमा गंदा पानी लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। सीवरेज का पानी और बरसाती पानी सड़क पर जमा होने से यहां से गुजरना मुश्किल हो गया है।
स्कूल जाने वाले बच्चों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा
हरजीराम चौक से वैश्य मॉडल स्कूल, आर्य कन्या स्कूल और लिटिल हर्ट्स स्कूल की ओर रोजाना बड़ी संख्या में बच्चे गुजरते हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार जलभराव के कारण स्कूली बच्चों को कई बार गंदे पानी और बदबू के बीच से होकर निकलना पड़ता है।
अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के आवागमन वाले इस प्रमुख मार्ग पर लंबे समय से समस्या बनी हुई है। सड़क पर जमा पानी के कारण बच्चों और अन्य राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मंदिर जाने वाले श्रद्धालु भी परेशान
हरजीराम चौक से होकर जोगी वाला मंदिर, खाकी बाबा मंदिर, अखाड़ा मंदिर और टेका सोजी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की भी आवाजाही रहती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक जलभराव के कारण मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं, खासकर महिलाओं को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
लोगों का कहना है कि उन्हें दूषित पानी के बीच से होकर निकलने का जोखिम उठाना पड़ता है। कई बार रास्ता बेहद खराब होने के कारण लोगों को परेशानी के बावजूद वैकल्पिक रास्ते तलाशने पड़ते हैं।
कई साल से बनी हुई है समस्या
स्थानीय क्षेत्रवासी प्रदीप मिश्रा ने नगर परिषद और प्रशासन की कार्यशैली पर रोष जताते हुए कहा कि हरजीराम चौक की समस्या कोई एक-दो दिन पुरानी नहीं है। पिछले कई वर्षों से क्षेत्र के लोग सीवरेज और जलभराव की समस्या झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इलाके के मुख्य नाले गंदगी और गाद से जाम पड़े हैं। पानी की निकासी सही तरीके से नहीं होने के कारण गंदा पानी लंबे समय तक जमा रहता है। इससे आसपास बदबू फैलती है और मच्छरों तथा अन्य संक्रामक कीटाणुओं के पनपने का खतरा बना रहता है।
सौंदर्यीकरण पर खर्च, लेकिन मूलभूत सुविधाएं बदहाल
प्रदीप मिश्रा ने आरोप लगाया कि नगर परिषद जनता के टैक्स से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल प्राथमिकता के आधार पर नहीं कर रही है। उनके अनुसार, जहां एक ओर पहले से ठीक चौराहों को तोड़कर दोबारा बनाने और सौंदर्यीकरण के कार्यों पर पैसा खर्च किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर शहर के कई हिस्सों में सीवरेज और जलनिकासी जैसी बुनियादी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

उन्होंने कहा कि प्रशासन को सबसे पहले उन समस्याओं का समाधान करना चाहिए, जिनसे आम नागरिक रोजाना सीधे प्रभावित हो रहे हैं।
नागरिक बोले- विज्ञापनों से नहीं, व्यवस्था सुधारने से बदलेगी तस्वीर
क्षेत्रवासियों जयप्रकाश, नरेश, राजेंद्र, सोनू, नरेश और राजीव ने भी प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि प्रशासन शहर के सौंदर्यीकरण और विज्ञापनों के जरिए शहर की तस्वीर बेहतर दिखाने में लगा हुआ है, जबकि कई इलाकों में सीवरेज, जलभराव और गंदगी की समस्या गंभीर बनी हुई है।
नागरिकों का कहना है कि शहर का वास्तविक विकास तभी माना जाएगा, जब लोगों को साफ-सुथरी सड़कें, बेहतर सीवरेज व्यवस्था और पानी की उचित निकासी जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलें।

जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से हरजीराम चौक की सीवरेज व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त कराने और मुख्य नालों की सफाई कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्रवासी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सौंदर्यीकरण के साथ-साथ शहर की मूलभूत सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जाए, ताकि हरजीराम चौक से गुजरने वाले स्कूली बच्चों, महिलाओं, श्रद्धालुओं और आम राहगीरों को लंबे समय से चली आ रही परेशानी से राहत मिल सके।
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