Rajasthan Nikay Chunav 2026 में दूसरे और अंतिम चरण का मतदान शुक्रवार शाम 6 बजे संपन्न हो गया। दूसरे चरण में 147 नगरीय निकायों के 4,774 वार्डों के लिए 70.01 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। इस चरण में 87 लाख 60 हजार 884 मतदाताओं में से 61 लाख 35 हजार 153 मतदाताओं ने वोट डाला।

राज्य निर्वाचन विभाग ने शाम 7 बजे तक के आंकड़े जारी किए हैं। देर शाम तक कुछ मतदान केंद्रों पर कतारें लगी होने के कारण अंतिम मतदान प्रतिशत में मामूली बदलाव संभव है। बालोतरा जिले की धोरीमन्ना नगर पालिका में सबसे ज्यादा 91.59 फीसदी मतदान हुआ, जबकि कोटा नगर निगम में सबसे कम 57.02 फीसदी वोट पड़े। राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बताया कि मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक चला। जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर और पाली समेत छह नगर निगम, 20 नगर परिषद और 121 नगर पालिकाओं में मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। कुछ स्थानों पर ईवीएम में तकनीकी खराबी और छोटी-मोटी घटनाएं सामने आईं, लेकिन इन्हें छोड़कर मतदान प्रक्रिया कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रही।

दूसरे चरण के साथ 309 निकायों में मतदान पूरा

दूसरे चरण की वोटिंग खत्म होने के साथ ही राजस्थान की सभी 309 नगरीय निकायों में मतदान प्रक्रिया पूरी हो गई। पहले चरण में 9 सितंबर को 162 निकायों में वोट डाले गए थे। दूसरे चरण में 11 सितंबर को 147 निकायों में मतदान हुआ। पहले चरण में 76.41 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था। वहीं दूसरे चरण में मतदान प्रतिशत 70.01 फीसदी रहा। अब दोनों चरणों की मतगणना 14 सितंबर को होगी। इसी दिन EVM खुलने के बाद साफ होगा कि किस दल को कितनी सीटें मिलती हैं और किन निकायों में किस पार्टी का बोर्ड बनता है।

18 हजार से ज्यादा प्रत्याशियों का फैसला EVM में बंद

दूसरे चरण में 6 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 121 नगर पालिकाओं के कुल 4,774 वार्डों में चुनाव हुआ। इन सीटों पर 18,266 प्रत्याशी मैदान में थे। मतदान खत्म होने के साथ ही सभी प्रत्याशियों का चुनावी भविष्य EVM में बंद हो गया। अब प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की नजर 14 सितंबर को होने वाली मतगणना पर है। परिणाम आने के बाद ही निकायों में बहुमत और बोर्ड गठन की तस्वीर साफ होगी।

छह नगर निगमों में जोधपुर आगे, कोटा सबसे पीछे

नगर निगममतदान प्रतिशत
जोधपुर71.10%
पाली70.94%
उदयपुर67.26%
अजमेर63.65%
जयपुर62.88%
कोटा57.02%

इन आंकड़ों में जोधपुर नगर निगम सबसे आगे रहा। यहां 71.10 फीसदी मतदान हुआ। पाली 70.94 फीसदी के साथ दूसरे स्थान पर रहा। वहीं कोटा नगर निगम में सबसे कम 57.02 फीसदी मतदान दर्ज किया गया।

147 निकायों में हुआ दूसरे चरण का मतदान

दूसरे चरण में कुल 147 नगरीय निकायों में मतदान हुआ। इनमें अजमेर, कोटा, जयपुर, पाली, उदयपुर और जोधपुर नगर निगम शामिल हैं। 20 नगर परिषदों में किशनगढ़, पुष्कर, टोंक, बहरोड़, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सरदारशहर, गंगापुर सिटी, निंबाहेड़ा, राजसमंद, मकराना, हिंडौन सिटी, दौसा, डीग, फलौदी, सलूंबर, सीकर, सिरोही, लालसोट और बालोतरा शामिल रहे।

121 नगर पालिकाओं में भी शुक्रवार को मतदान हुआ। इनमें पिलानी, चिड़ावा, मंड्रेला, विद्याविहार, सूरजगढ़, सिंघाना, बुहाना, मंडावा, बिसाऊ, मलसीसर, मुंडावर, कोटकासिम, टपुकड़ा, पोकरण, चौहटन, धौरीमन्ना, सिवाना, सिणधरी, बाप, कठूमर, खेरली, थानागाजी, राजगढ़, लक्ष्मणगढ़, गोविंदगढ़-रामबास, बड़ौदामेव, रामगढ़-शेखावाटी और लोसल समेत अन्य निकाय शामिल हैं।

इसी चरण में धोद, मेड़ता सिटी, रियांबाड़ी, मेड़ता रोड, डेगाना, मालपुरा, टोडारायसिंह, डिग्गी, लाम्बा हरिसिंहपुरा, जैतारण, रायपुर, आसींद, गुलाबपुरा, कानोड़, मावली, परतापुरगढ़ी, कुशलगढ़, बड़ी सादड़ी, आकोला, कपासन, देवगढ़, भीम, छोटी सादड़ी, धरियावाद, सागवाड़ा, भीनमाल, सांचौर, बाली, खुडाला-फालना, सादड़ी, सुमेरपुर, तख्तगढ़, पिंडवाड़ा, माउंट आबू, सार्दुलशहर, श्रीकरणपुर, केसरीसिंहपुर, पदमपुर, गजसिंहपुर, गोलूवाला, पीलीबंगा, तारानगर, साहवा, रतनगढ़, राजलदेसर, बीदासर, वैर और बयाना में भी मतदान हुआ।

नदबई, उच्चैन, गंगापुर, हमीरगढ़, बनेड़ा, शाहपुरा, जहाजपुर, मांडलगढ़, बिजौलिया, नीमराना, मांढण, बर्जेद, खाजूवाला, नोखा, देशनोक, लूणकरणसर, श्रीडूंगरगढ़, नापासर, खाटू खुर्द, परबतसर, नावां, टोडाभीम, सूरौठ, लवाण, मंडावरी, रामगढ़ पचवारा, कुम्हेर, बृजनगर, किशनगढ़बास, बसेड़ी, बाड़ी, सरमथुरा, वजीरपुर, बामनवास, छबड़ा, मांगरोल, अटरू, लाखेरी, कापरेन, नैनवा, हिंडोली, खानपुर, अकलेरा, मनोहरथाना और पिड़ावा भी दूसरे चरण में शामिल रहे।

भाजपा-कांग्रेस दोनों ने किए जीत के दावे

मतदान खत्म होते ही भाजपा और कांग्रेस ने अपनी-अपनी जीत के दावे शुरू कर दिए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि जनता ने भजनलाल सरकार के ढाई साल के विकास कार्यों और संगठन पर भरोसा जताया है। उन्होंने बड़े बहुमत से जीत और नगरीय निकायों में ट्रिपल इंजन सरकार बनने का दावा किया। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार पर जनता का भरोसा तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम भाजपा को आईना दिखाएंगे। अब दोनों दलों के दावों का फैसला 14 सितंबर को मतगणना के बाद होगा।

EVM बंद होते ही शुरू हुआ बोर्ड बनाने का खेल

मतदान खत्म होने के साथ ही राजनीतिक दलों की नजर अब बोर्ड गठन के गणित पर टिक गई है। खासकर उन निकायों में जहां मुकाबला करीबी रहने की संभावना है, वहां एक-एक पार्षद का आंकड़ा महत्वपूर्ण हो सकता है। इसी वजह से प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी और विरोधी खेमे में सेंधमारी की आशंका ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। परिणाम आने तक दोनों प्रमुख दल अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

14 सितंबर को नतीजे, 21 और 22 सितंबर को अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का चुनाव

अब राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव की अगली तारीख 14 सितंबर है। इस दिन दोनों चरणों की मतगणना होगी। परिणाम आने के बाद बोर्ड गठन की तस्वीर सामने आएगी। इसके बाद 21 सितंबर को चेयरपर्सन या अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होगा। 22 सितंबर को डिप्टी चेयरपर्सन या उपाध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव पूरे होने के साथ ही प्रदेश की 309 नगर निकायों में आदर्श आचार संहिता समाप्त हो जाएगी।

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