कैथल. बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों की विभिन्न मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर आज एक दिवसीय बैंक हड़ताल आयोजित की गई। हड़ताल के कारण जिले में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं।

हड़ताल के चलते कैथल जिले में एक दिन में लगभग ₹200 करोड़ के बैंकिंग लेन-देन के प्रभावित होने का अनुमान है। शाखाओं में नकद लेन-देन, चेक क्लियरिंग तथा अन्य नियमित बैंकिंग कार्य प्रभावित रहे।

इस अवसर पर आयोजित धरने की अध्यक्षता कॉमरेड कुलदीप धारीवाल ने की। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी लंबे समय से पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति, कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार को कम करने, पीएलआई (प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन) व्यवस्था मे सुधार करने, पेंशन से जुड़े मुद्दों का समाधान करने तथा अन्य जायज मांगों को लेकर संघर्षरत हैं।

उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में लगातार बढ़ते काम के बावजूद कर्मचारियों की संख्या पर्याप्त नहीं है। कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार का सीधा असर कार्य-जीवन संतुलन तथा बैंकिंग सेवाओं पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पीएलआई (प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन) व्यवस्था पारदर्शी एवं न्यायसंगत होनी चाहिए। साथ ही, पेंशन से संबंधित लंबित मामलों का शीघ्र समाधान तथा सभी पात्र कर्मचारियों एवं अधिकारियों को उचित पेंशन लाभ देने की मांग भी उठाई गई।

यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को शीघ्र नहीं माना गया, तो 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का प्रस्ताव है। इस अवसर पर दीपक कुमार SBI, प्रवेश मोर PNB, राजेश कुमार, माया राम, हरीश कक्कड़, अमित कुमार SBI, दिनेश कुमार एवं प्रदीप सहित अनेक बैंक कर्मचारी उपस्थित रहे।

यूनियन ने सरकार एवं बैंक प्रबंधन से कर्मचारियों की जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने तथा पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, पीएलआई (प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन) व्यवस्था, पेंशन, नई भर्ती संबंधी समस्याओं का समाधान करने और अन्य लंबित मुद्दों का निपटारा करने की मांग की।

यूनियन नेताओं ने आम जनता को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए कहा कि यह आंदोलन बैंक कर्मचारियों के अधिकारों के साथ-साथ बेहतर एवं सुचारु बैंकिंग व्यवस्था की मांग को लेकर है।