गिरिडीह। झारखंड के गिरिडीह जिले में मंगलवार को बारिश के बीच हुई वज्रपात की घटनाओं ने तबाही मचा दी। जिले के छह प्रखंडों में अलग-अलग स्थानों पर ठनका गिरने से चार किशोर समेत 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 लोग घायल हो गए। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया और दो मवेशियों की भी जान चली गई। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की है।

गिरिडीह जिले में मंगलवार को हुई बारिश लोगों के लिए आफत बनकर आई। देवरी, गांडेय, गावां, बिरनी, जमुआ और बगोदर प्रखंड में अलग-अलग जगहों पर वज्रपात की घटनाओं में कुल 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 लोग घायल हो गए। हादसों के बाद पूरे जिले में मातम का माहौल है। पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और जिला प्रशासन ने आपदा राहत मद से सहायता राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


पेड़ के नीचे बैठे 5 किशोर आए चपेट में
सबसे बड़ा हादसा देवरी थाना क्षेत्र के देवपहाड़ी में हुआ, जहां बरगद के पेड़ के नीचे बैठे पांच किशोर वज्रपात की चपेट में आ गए। इस हादसे में अर्जुन कुमार साव (17), विष्णुदेव साव (13), अभिनंदन साव उर्फ गजेंद्र (15) और कुश कुमार तिवारी (18) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उमेश यादव गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतकों में तीन किशोर एक ही परिवार के थे।

देवरी प्रखंड के ही बांसडीह गांव में धान के खेत में काम कर रहे संतोष तिवारी (40) की भी ठनका गिरने से मौत हो गई, जबकि विक्रम तिवारी घायल हो गए।गांडेय प्रखंड के ओझाडीह गांव में खेत की मेड़बंदी कर रहे पप्पू हांसदा (32) की वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई।

वज्रपात से दो मवेशियों की हुई मौत, तीन चरवाहे घायल
गावां थाना क्षेत्र के पटना गांव में धान रोपाई के दौरान पूनम देवी (35) की जान चली गई। वहीं अंबासखुआ गांव में वज्रपात से दो मवेशियों की मौत हो गई और तीन चरवाहे झुलस गए।

बिरनी प्रखंड के बेडगरो गांव में यूनुस मियां (65) की खेत में काम करते समय वज्रपात से मौत हो गई।जमुआ प्रखंड के बधैयडीह गांव में अनिता देवी (34) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि मालती देवी और रूबी देवी घायल हो गईं। दोनों का इलाज गिरिडीह सदर अस्पताल में जारी है।

जिला प्रशासन ने मुआवजा देने की घोषणा की
बगोदर थाना क्षेत्र के खेतको में नहर निर्माण कार्य के दौरान समीर गिद (47) की वज्रपात से मौत हो गई। वहीं महावीर तुरी और खेमिया देवी घायल हो गए।घटना की सूचना मिलते ही जमुआ विधायक मंजू कुमारी समेत कई जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे और उन्हें ढांढस बंधाया। जिला प्रशासन ने सभी मृतकों के परिजनों को सरकारी प्रावधान के तहत मुआवजा देने की घोषणा करते हुए राहत राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।