सुशील खरे, रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम में लोकायुक्त ने शिक्षा विभाग के रिश्वतखोर बाबू को धर दबोचा है। आरोपी ने रिटायर्ड टीचर से उसके सेवानिवृत्ति प्रमाण पत्र और पेंशन भुगतान आदेश जारी कराने के एवज में पैसों की डिमांड की थी। लेकिन लालच में डूबे बाबू को रंगे हाथ गिरफ्तार कर भ्रष्टाचारी अफसरों के मन में डर पैदा कर दिया है।
दरअसल, जावरा निवासी शिकायतकर्ता लक्ष्मीनारायण सेवानिवृत्त उच्च माध्यमिक शिक्षक हैं। वे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हाटपिपल्या में पदस्थ थे और 31 मई 2026 को वहां से रिटायर्ड हुए थे। उन्होंने सेवानिवृत्ति प्रमाण पत्र और पीपीओ जारी करने आवेदन किया था लेकिन शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी संकुल केंद्र जावरा में सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदस्थ आरोपी अनिल वर्मा ने उनसे 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। बाद में यह राशि घटाकर 10 हजार रुपये कर दी गई।
शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी बाबू उन्हें बीते पांच दिनों से लगातार परेशानकर रहा था। जिससे प्रताड़ित होकर उन्होंने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। सत्यापन में उन्होंने बातचीत के रिकॉर्ड और आवश्यक दस्तावेज दिखाए जिसकी जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।
टीम सोमवार दोपहर करीब 1 बजे योजनाबद्ध कार्रवाई की और आरोपी को कार्यालय में 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। बताया गया कि अनिल वर्मा ने राशि हाथ में लेने के बाद कार्यालय की टेबल की दराज पर रखे एक रजिस्टर के नीचे छिपा दी थी। टीम ने मौके से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली। लोकायुक्त डीएसपी डीसी पटेल ने बताया कि आरोपी बाबू अनिल वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

