संभल पुलिस ने रजपुरा थाना क्षेत्र में शादी के नाम पर ठगी और हिडन कैमरे से वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के आरोप वाले गिरोह का खुलासा किया है. पुलिस ने एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है.

संभल. शादी के लिए रिश्ता तलाश रहे लोगों को निशाना बनाकर कथित तौर पर प्रेमजाल में फंसाने, किराये के कमरे में बुलाकर हिडन कैमरे से अश्लील वीडियो बनाने और फिर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का रजपुरा थाना पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस ने इस मामले में महिला लक्ष्मी, उसके पति प्रमोद उर्फ पालू और वीरेंद्र उर्फ छोटे को गिरफ्तार किया है, जबकि वेदप्रकाश और राजकुमार फरार हैं.

एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के अनुसार लक्ष्मी ऐसे मोबाइल नंबरों पर संपर्क करती थी, जिन लोगों की शादी नहीं हुई थी या जिनकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी थी. कई दिनों तक बातचीत के जरिए विश्वास कायम करने के बाद वह उन्हें किराये के कमरे में मिलने के लिए बुलाती थी.

हिडन कैमरे से वीडियो

पुलिस के मुताबिक कमरे में पहले से हिडन कैमरा लगाया जाता था. लक्ष्मी संबंधित व्यक्ति के सामने निर्वस्त्र होकर अश्लील वीडियो बनवाती थी और बाद में उसे इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने तथा बलात्कार के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर रुपये मांगती थी.

पुलिस के सामने अब तक ऐसे पांच मामले सामने आए हैं. इनमें ब्लैकमेलिंग के जरिए धनराशि वसूलने और शादी के नाम पर ठगी किए जाने की जानकारी मिली है.

शादी के नाम पर ठगी

पुलिस के अनुसार जो लोग प्रेमजाल में नहीं फंसते थे, उन्हें शादी कराने का झांसा दिया जाता था. इसके लिए 40 से 50 हजार रुपये में शादी तय कराई जाती थी.

लक्ष्मी दुल्हन बनकर संबंधित व्यक्ति के घर पहुंचती थी. मौका मिलते ही वह जेवर, सामान और रुपये लेकर रात में वहां से निकल जाती थी.

तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि राजकुमार और वेदप्रकाश शादी के लिए तैयार लोगों की तलाश करते थे. वहीं वीरेंद्र शादी कराने के बाद लक्ष्मी को वहां से निकलने में मदद करता था. पुलिस के अनुसार पति-पत्नी और उनके साथियों का यह काम कुछ समय से लगातार चल रहा था.

20 अगस्त को देवपुरा निवासी होराम सिंह ने पांच लाख रुपये मांगने, अश्लील वीडियो प्रसारित करने और झूठे बलात्कार के मुकदमे में फंसाने की धमकी दिए जाने की शिकायत की थी. इसके आधार पर रजपुरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया.

इसके बाद 21 अगस्त की सुबह पुलिस ने लक्ष्मी, प्रमोद उर्फ पालू और वीरेंद्र उर्फ छोटे को सिंघौली कल्लू मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया.

सामान और रुपये बरामद

पुलिस ने आरोपितों के पास से दो जोड़ी पाजेब, मंगलसूत्र, घड़ी, अंगूठी, सिन्दूर की शीशी, नेलपालिश, बिंदी, लाल लहंगा-चुन्नी, हिडन कैमरा, नारंगी रंग का लेडीज पर्स और 40 हजार रुपये बरामद किए हैं.

प्रमोद उर्फ पालू का आपराधिक इतिहास करीब 16 वर्ष पुराना बताया गया है. उसके खिलाफ गुन्नौर और रजपुरा थानों में वर्ष 2010 और 2011 में मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट का मामला भी शामिल है.

पुलिस के अनुसार प्रमोद का पुराना आपराधिक इतिहास है, जबकि लुटेरी दुल्हन और ब्लैकमेलिंग का यह धंधा हाल में शुरू किया गया था. पुलिस फरार वेदप्रकाश और राजकुमार की तलाश कर रही है. साथ ही आरोपितों के फोटो का प्रचार-प्रसार करने की तैयारी की जा रही है, ताकि दूसरे लोग उनके झांसे में न आएं.