सतीश सिंह, लखनऊ. मोहनलालगंज क्षेत्र में कथित तौर पर प्रलोभन और मानसिक दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन कराने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश करने का दावा किया है. पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि ये लोग बीमारी के इलाज, संतान प्राप्ति, आर्थिक सहायता और विवाह जैसे प्रलोभन देकर लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करते थे. गिरफ्तार आरोपियों में एक व्यक्ति ने पूछताछ में खुद को तमिलनाडु के एक चर्च से जुड़ा बताया है.
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के मुताबिक, 23 जुलाई को मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के भरसवा गांव निवासी अमित कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के ही चन्द्रभान, आरती, सीमा, डेनियल, सुबला, शीला और अजय रावत उन्हें और अन्य ग्रामीणों को बार-बार चर्च जाने के लिए प्रेरित करते थे. आरोप है कि उनसे कहा जाता था कि धर्म परिवर्तन करने पर संतान की प्राप्ति होगी. विरोध करने पर आरोपियों ने धमकी दी कि वे किसी से नहीं डरते और लोगों का धर्म परिवर्तन कराते रहेंगे.
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शिकायत के आधार पर मोहनलालगंज थाने में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3(1), 5(1) और 11 तथा बीएनएस की धारा 352 और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद गठित पुलिस टीम ने सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का दावा है कि विवेचना के दौरान सामने आया कि आरोपी पूर्व में भी ग्रामीणों को बीमारी के इलाज, आर्थिक सहायता और विवाह के नाम पर प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करते रहे हैं। गवाहों ने पुलिस को बताया कि आरोपी अक्सर रात में चार पहिया वाहन से गांव पहुंचकर बैठक करते थे और योजनाबद्ध तरीके से लोगों को प्रभावित करने का प्रयास करते थे। एक गवाह ने आरोप लगाया कि घुटनों के दर्द के इलाज के नाम पर उसे चर्च ले जाया गया और बाद में ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया.
पूछताछ में मुख्य आरोपी डेनियल ने पुलिस को बताया कि उसका बचपन का नाम बाला सुब्रह्मण्यम था और उसने विवाह के बाद ईसाई धर्म अपना लिया था. उसके अनुसार, वर्ष 1998 में वह लखनऊ आया और उसे वाराणसी सर्किल का पास्टर बनाया गया। पुलिस के मुताबिक, डेनियल ने यह भी दावा किया है कि तमिलनाडु स्थित एफजीपीसी चर्च द्वारा धर्म प्रचार के लिए लोगों को जोड़ने का लक्ष्य दिया जाता था और इसके लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती थी. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है और मामले की जांच जारी है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक बोलेरो वाहन, धार्मिक पुस्तकें, धर्म परिवर्तन से संबंधित बुकलेट्स, विवाह विवरण पत्र और बैंक स्टेटमेंट की छायाप्रतियां बरामद करने का दावा किया है. सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है.


