लखनऊ. 22 जून को राजधानी के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड में 15 युवाओं की मौत हो गई. इस दुर्घटना के बाद सीएम ने चार अफसरों को निलंबित कर दिया था. इनमें से एक अफसर एफएसएसओ इंदिरानगर कमलेन्द्र कुमार सिंह ने सीएम योगी को पत्र लिखकर मामले के वास्तविक दोषियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. कमलेन्द्र ने इस घटना के लिए सीएफओ को जिम्मेदार बताया था. लेकिन अब उन्होंने अपने वीडियो का खंडन किया है.

कमलेन्द्र ने नया वीडियो जारी कर कहा कि ‘ये जो वीडियो वायरल हो रहा है वो किसी अन्य आदमी द्वारा मुझे भ्रमित करके वीडियो बनवाया गया है, जिसका हम खंडन करते हैं और उच्चाधिकारियों पर भरोसा करते हैं कि जो भी जांच होगी निष्पक्ष जांच होगी. इस वायरल वीडियो का खंडन करके हम क्षाम मांगते हैं.’

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सीएम को लिखे पत्र के अंश

कमलेन्द्र ने सीएम को पत्र में लिखा था कि ‘दिनांक 22.06.2026 को लखनऊ अलीगंज क्षेत्र में कोचिंग सेन्टर में लगी आग, आग में 15 मासूम छात्रो की मृत्यु हुई. इस घटना ने पूरे प्रदेश को गहरे शोक और आक्रोश मे डाल दिया, इस सन्दर्भ में मेरे जैसे छोटे स्तर के अधिकारी FSSO कमलेन्द्र कुमार सिंह पर कार्रवाई की गई है किन्तु यह कार्रवाई अन्यायपूर्ण है. क्योंकि FSSO का कार्यक्षेत्र सीमित है. मेरा काम केवल स्थानीय निरीक्षण और रिपोर्टिंग तक सीमित है. मेरे पास भवनों की फायर क्लीयरेन्स देने या बड़े पैमाने पर सुरक्षा मानको को लागू करने का अधिकार नहीं है, मुख्य जिम्मेदारी CFO लखनऊ की है. CFO ही पूरे शहर की फायर सेफ्टी व्यवस्था और भवनो को फायर क्लियरेन्स देने के लिए जिम्मेदार होते हैं.’

कमलेन्द्र ने आगे लिखा कि ‘जिस इमारत इमारत को आवासीय उपयोग के लिए पास किया गया था उसे वर्षों से अवैध रूप से व्यावसायिक उपयोग मे लिया जा रहा था यह तथ्य CFO के संज्ञान में होना चाहिये था. आग लगने के बाद दमकल प्रक्रिया में देरी और समन्वय की कमी CFO की सीधी लापरवाही को दर्शाती है. अतः निवेदन है कि छोटे अधिकारियो जैस मेरे विरूध की गई कार्यवाही पर पुनर्विचार किया जाए, घटना की सम्पूर्ण जिम्मेदारी लखनऊ CFO पर तय की जाए, CFO के विरूध कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए, पीड़ित परिवारो को शीघ्र न्याय एवं उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाए.’