लखनऊ. राजधानी के सोमवार को कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड में 15 लोगों की जान चली गई. मरने वाले लोगों में ज्यादातर 20 से 30 साल के स्टूडेंट्स हैं. इस दुर्घटना को लेकर सीएम योगी ने प्रदेशभर के कोचिंग सेंटर्स के लिए सख्त आदेश जारी किया है. सीएम ने प्रदेशभर में चल रहे सभी कोचिंग संस्थानों के रजिस्ट्रेशन पर जोर दिया. उन्होंने बेसमेंट को लेकर कहा कि अब से किसी भी इमारत के बेसमेंट में कोचिंग संस्थान चलाने की अनुमति नहीं होगी. कोई भी कोचिंग सेंटर बेसमेंट में क्लासें नहीं चला सकेंगे. इसके साथ ही बेसमेंट में किसी दूसरी कमर्शियल एक्टिविटी और व्यापार की भई अनुमति नहीं होगी.

सीएम ने मंगलवार को बैठक में अधिकारियों से कहा कि प्रदेश भर में मिशन मोड पर फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाया जाए. हर जिले में फायर सेफ्टी की जांच हो. अस्पतालों, नर्सिंग होम, मेडिकल कॉलेजों, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और अन्य व्यवसायिक संस्थानों में सुरक्षा मानकों की जांच की जाए.

इसे भी पढ़ें : लखनऊ अग्निकांड: घटनास्थल पर पहुंची SIT, 2016 में गिरने वाली थी बिल्डिंग फिर पलट गया ध्वस्तीकरण का आदेश

जानिए पूरा घटनाक्रम

  • दोपहर 2:15 बजे: अलीगंज के सेक्टर डी के चार मंजिला कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लग गई. पहले लोगों ने आग पर काबू का प्रयास किया.
  • दोपहर 2:30 बजे: आग को लगातार बढ़ती देख फायर ब्रिगेड को घटना की जानकारी दी गई.
  • दोपहर 3.10 बजे: फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी मौके पर पहुंची. आग की भयावहता की जानकारी विभाग को दी गई. धीरे-धीरे दमकल की 13 गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया. आग पर काबू का प्रयास शुरू किया गया.
  • शाम 6:30 बजे: फायर ब्रिगेड की ओर से आग पर काबू पाने और हालात के सामान्य होने की जानकारी दी गई. आग लगने से 15 युवाओं की मौत का मामला सामने आया.

मालिक समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

वहीं पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आरोपी वीरेंद्र शुक्ला और तुशांक कृष्ण जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे आरोपी रामकृष्ण उपाध्याय को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और मामले में दोषी पाए जाने वाले अन्य लोगों के खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की जाएगी. जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है. वहीं सीएम ने इस मामले में चार अधिकारियों को भी सस्पेंड कर दिया है.