लखनऊ. लखनऊ विश्वविद्यालय (एलयू) में फीस वृद्धि के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. धरने के 50 दिन पूरे होने के बावजूद कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी के छात्रों से मुलाकात न करने पर अब आंदोलन को प्रदेशव्यापी बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. छात्र नेताओं ने मानसून सत्र के दौरान उत्तर प्रदेश विधानसभा तक मार्च निकालने की रणनीति बनाई है.

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50 दिन से जारी है धरना

फीस वृद्धि के विरोध में छात्र पिछले 50 दिनों से विश्वविद्यालय परिसर में धरना दे रहे हैं. छात्रों का आरोप है कि प्रशासन ने उनकी मांगों पर बातचीत करने के बजाय आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुछ को निष्कासित कर दिया, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई पहल नहीं की.

दिल्ली के आंदोलन से ली प्रेरणा

छात्र नेताओं का कहना है कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से केंद्र सरकार की बातचीत के बाद उन्होंने भी अपने आंदोलन को व्यापक रूप देने का निर्णय लिया है. अब लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों के छात्र संगठनों से संपर्क कर संयुक्त आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं.

विधानसभा मार्च की तैयारी

छात्रों के मुताबिक, इलाहाबाद विश्वविद्यालय और गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्र संगठनों से भी संपर्क किया जा रहा है. मानसून सत्र के दौरान विधानभवन तक मार्च निकालकर सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान फीस वृद्धि के मुद्दे की ओर आकर्षित किया जाएगा. यदि यह योजना सफल होती है तो आंदोलन केवल लखनऊ विश्वविद्यालय तक सीमित न रहकर प्रदेशव्यापी छात्र आंदोलन का रूप ले सकता है.

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कई नेताओं ने जताया समर्थन

धरने के दौरान सांसद पुष्पेंद्र सरोज, तनुज पुनिया, अवधेश प्रसाद, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता माता प्रसाद पांडेय और अरविंद सिंह गोप समेत कई जनप्रतिनिधि छात्रों से मिलने पहुंचे. एलयू एलुमनाई एसोसिएशन और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी कुलपति से हस्तक्षेप कर छात्रों से संवाद करने की अपील की है. हालांकि अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच औपचारिक वार्ता नहीं हो सकी है.