लुधियाना: लुधियाना के एक प्रॉपर्टी कारोबारी द्वारा कथित मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर सरहिंद नहर में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली है. मृतक ने छलांग लगाने के पहले एक बेहद भावुक वीडियो बनाया और उसे अपने बड़े भाई को वॉट्सएप में सेंड किया. इसके बाद उसने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया.

कारोबारी का शव दोराहा क्षेत्र के गांव गुरथली के पास सरहिंद नहर से बरामद किया गया.घटना से पहले मृतक ने दो भावुक वीडियो बनाकर अपने बड़े भाई को व्हाट्सऐप पर भेजे, जिनमें उसने अपनी मौत के लिए कुछ लोगों को जिम्मेदार ठहराया है.

मृतक की पहचान अमित कुमार (42) के रूप में हुई है, जो लुधियाना में प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़ा हुआ था. काफी समय सेवह साझे के कारोबार को लेकर परेशान था. जानकारी के अनुसार, 15 मई की रात अमित कुमार घर से खाना खाने के बाद दुकान जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा.कुछ समय बाद उसके मोबाइल नंबर से उसके बड़े भाई विवेक अग्रवाल के व्हाट्सऐप पर दो वीडियो मिला जिसे अमित ने ही भेजा था.

इस वीडियो देखने के बाद परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई और तुरंत उसकी तलाश शुरू की गई. वीडीयो में उसने कहा है कि “आज मैं अंदर से पूरी तरह टूट गया हूं उसने रोते हुए कहा—
“जय माता दी… मैं अमित कुमार. आज मैं एक दुख सहन नहीं कर पाया। मेरे बड़े भाई की आंखों में आंसू मैं नहीं देख सका.वह भगवान जैसा इंसान है, जो सबकी फिक्र करता है. आज मैं अंदर से पूरी तरह टूट चुका हूं.”

वीडियो में अमित ने दीपक गोयल, गोलू और उनके परिवार का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि लगातार मानसिक दबाव और प्रताड़ना के चलते वह यह कदम उठाने को मजबूर हुआ. उसने कहा कि पिछले 25-27 वर्षों की मेहनत और योगदान को नकारते हुए उसे बार-बार अपमानित किया जाता था. अमित ने वीडियो में समाज और सरकार से अपने परिवार को न्याय दिलाने की अपील भी की. भावुक संदेश में उसने अपने परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और परिचितों का नाम लेते हुए अगले जन्म में भी इसी परिवार के साथ रहने की इच्छा जताई. वीडियो के अंत में उसने “जय माता दी” कहकर अपनी बात समाप्त की.

बड़े भाई ने लगाया आरोप

मृतक के भाई विवेक अग्रवाल ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उनके फूफा की मृत्यु के बाद साझे कारोबार को लेकर विवाद शुरू हो गया था. उन्होंने बताया कि पंचकूला निवासी गोलू और रिश्तेदार दीपक गोयल कथित रूप से कारोबार पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे. इन सब परिस्थिति के कारण अमित कुमार पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा था और उसकी सालों की मेहनत को तिरस्कारपूर्ण तरीके से नजरअंदाज किया जा रहा था. विवेक के अनुसार, यही मानसिक प्रताड़ना अमित को अंदर से तोड़ गई और उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया.

दो दिन बाद मिली लाश

जैसी ही परिजनों को वीडियो मिला वह इसकी सूचना पुलिस को दिए. साथ ही गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और लगातार तलाश अभियान चलाया गया.करीब दो दिन बाद रविवार को गांव गुरथली (दोराहा) के पास सरहिंद नहर से उसका शव बरामद कर लिया गया.शव मिलने के बाद परिवार में मातम का माहौल है.