शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश किए गए बजट को लेकर महिला कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। महिला कार्यकर्ता पीसीसी दफ्तर से वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के बंगले का घेराव करने निकली। महंगाई और आम परिवारों से जुड़े मुद्दों की अनदेखी के चलते विरोध जताया। ठेले पर खाली थाली, स्कूटी-गैस सिलेंडर रखकर प्रदर्शन किया।
महिला कांग्रेस ने बजट को राजधानी भोपाल में गुरुवार को जमकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी सेतिया के नेतृत्व में महिला कार्यकर्ताएं वित्त मंत्री के बंगले का घेराव करने निकली। इस दौरान पुलिस से झड़प भी हुई। महिला कांग्रेस ने पुतला जलाया और बैरिकेडिंग पर चढ़ते हुए भी नजर आई। वहीं रीना बोरासी सेतिया ने कहा कि महंगाई चरम पर है। जो बजट पेश किया गया है उसमें महिलाओं के लिए कोई ऐसी बात नहीं जो राहत देती हो। हमने चेतावनी भी दी थी कि बजट हमारे पक्ष में नहीं आता है तो हम वित्त मंत्री के बंगले का घेराव करेंगे।
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ख्याली पुलाव पका रही सरकार
वहीं विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने भी प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायकों ने ताली बजाते हुए कहा कि बजट के नाम पर सिर्फ वादे किए गए। सिर्फ घोषणाओं पर मध्य प्रदेश की सरकार चल रही है। महिला सुरक्षा, बेरोजगारी, किसान के मुद्दे पर सरकार सिर्फ ख्याली पुलाव पका रही है।
कमलनाथ ने कही ये बात
पूर्व सीएम कमलनाथ ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि एमपी पर 5 लाख करोड़ का कर्ज है। इसके बाद भी सरकार लगातार कर्ज ले रही है। इस साल भी सरकार ने 70 हजार करोड़ का कर्ज लिया है। प्रदेश पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है।
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भागीरथपुरा पानी कांड की गूंज
इधर, विधानसभा में इंदौर के भागीरथपुरा में हुई दूषित पानी से मौतों का मामला भी गूंजा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के सवाल पर स्वास्थ्य राज्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जवाब दिया। उन्होंने बताया कि अब तक 22 लोगों की मृत्यु हुई है। अभी तक मृतक के परिजनों को 44 लाख रुपए मुआवजा दिया गया है। वहीं सिंघार ने कहा कि सरकार दूषित पानी पिलाकर मार रही है और अब आंकड़े छुपा रही है।
सीएम बोले- यह गंभीर विषय
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 35 से ज्यादा मृत्यु हुई है। मुआवजा भी कम दिया गया है। इस पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि इस विषय पर चर्चा नहीं होना चाहिए, ये विषय गंभीर है। आईएएस अधिकारी तक को सस्पेंड किया गया है। इस मामले में पक्ष-विपक्ष नहीं होना चाहिए। सीधे काम की बात होना चाहिए। सीएम ने यह भी कहा कि चार नहीं हम पांच लाख रुपये मृतक के परिजनों को देंगे।
4 लाख 38 हजार से ज्यादा का बजट पेश
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। सरकार के मुताबिक, इस बजट में महिलाओं, किसानों, युवाओं और गरीबों सभी वर्गों विशेष ध्यान रखा गया है।
बजट की बड़ी बातें
- लाडली बहना योजना के 23 हजार 882 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
- सिंचाई परियोजनाओं के लिए 14 हजार 742 करोड़।
- किसानों को 3000 करोड़ से 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
- मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना के लिए 21630 करोड़ की मंजूरी दी गई है।
- मत्स्य उत्पादन के लिए 412 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत अब तक 4 करोड़ 61 लाख खाते खोले जा चुके हैं।
- श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।
- जनजातीय क्षेत्रों के 11,277 गांवों के विकास के लिए 793 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान है।
- अटल पेंशन योजना में 46 लाख पंजीयन हैं।
- 12 हजार करोड़ रुपये सड़क-पुलिया के लिए।
- प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना में 1 करोड़ 54 लाख पंजीयन
- प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 3 करोड़ 64 लाख पंजीयन
- प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 23 हजार 747 करोड़ का प्रवधान किया है।
- नगरीय विकास के लिए 21 हजार 561 करोड़, अभी 13 हजार के काम चल रहे हैं।
- बुंदेलखंड के सागर में 1500 एकड़ जमीन पर इंडस्ट्रियल पैकेज की घोषणा।
- भोपाल और इंदौर को 972 इलेक्ट्रिक बस मिलेंगी।
- खेल एवं युवा कल्याण के लिए 815 करोड़।
- नारी कल्याण के लिए एक लाख 27 हजार 555 करोड़ रुपये।
- जनजातीय क्षेत्रों के 11,277 गांवों के विकास के लिए 793 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है।
- सांस्कृतिक पौधरोपण योजना शुरू होगी।
- वन पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6 हजार 151 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
- पीएम आवास के लिए 6 हजार 850 करोड़ का प्रावधान है।
- जी राम जी योजना के लिए 10 हजार 440 करोड़ का प्रावधान है।

