पुरी: पुरी के विश्व प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर में बुधवार को सुरक्षा टीम की मुस्तैदी से एक बड़ा हादसा टल गया. सुरक्षाकर्मियों ने मंदिर परिसर के भीतर कम गुणवत्ता वाले वनस्पति घी के 30 पैकेट जब्त किए हैं. यह प्रतिबंधित खेप पवित्र ‘रोषघर’ (महाप्रसाद पकाने की मुख्य रसोई) तक पहुंचने ही वाली थी, लेकिन सतर्क जवानों ने इसे चेकपॉइंट पर ही रोक दिया.

मिली जानकारी के अनुसार, आज कुछ लोग अवैध रूप से इन घी के पैकेटों को रोषघर के अंदर ले जाने का प्रयास कर रहे थे. इसी दौरान वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने नियमित जांच के दौरान संदिग्ध खेप को रोक लिया. गहन जांच के बाद जब यह पुष्टि हुई कि जब्त किया गया घी प्रशासन द्वारा स्वीकृत ‘ओम्फेड’ ब्रांड का नहीं है, तो पूरी खेप को तुरंत जब्त कर लिया गया.

गौरतलब है कि श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के कड़े नियमों के मुताबिक, महाप्रसाद तैयार करने के लिए केवल ओम्फेड घी का उपयोग करना ही अनिवार्य है. मंदिर परिसर या रोषघर के भीतर किसी अन्य ब्रांड या प्रकार का घी लाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है. इस नियम का उद्देश्य महाप्रसाद की शुद्धता और गुणवत्ता को बनाए रखना है.

इस सुरक्षा चूक के बाद मंदिर प्रशासन अब इस बात की बारीकी से जांच कर रहा है कि इस गैर-कानूनी काम में कौन सा ‘सुआर सेवक’ (रसोइया) शामिल था. इसके पीछे किसी बड़े रैकेट या बड़ी साजिश की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है. मंदिर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि महाप्रसाद की पवित्रता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

सुरक्षा और निगरानी हुई तेजमहाप्रसाद की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए विशेष प्रवर्तन दस्तों ने पिछले कुछ महीनों में ‘आनंद बाजार’ के आसपास अपनी गश्त और सघन चेकिंग काफी बढ़ा दी है. गौरतलब है कि इसी साल जनवरी महीने में भी मंदिर में बिना मंजूरी वाले कुकिंग फैट को चोरी-छिपे अंदर ले जाने का ऐसा ही एक प्रयास विफल किया गया था. इस तरह की बार-बार होने वाली घटनाएं इस ऐतिहासिक 12वीं शताब्दी के मंदिर की पवित्र पाक परंपराओं को सुरक्षित रखने की एक निरंतर चुनौती को दर्शाती हैं.