रोहतक। नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक की सूचना पर हरकत में आई सोनीपत एसटीएफ ने रोहतक में दो चिकित्सकों और एक शिक्षक से करीब 13 घंटे तक गहन पूछताछ की। हालांकि प्रारंभिक जांच में किसी भी प्रकार के ठोस साक्ष्य नहीं मिलने पर तीनों को छोड़ दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, एसटीएफ को सूचना मिली थी कि नीट परीक्षा के नाम पर प्रश्नपत्र बेचने या अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने की साजिश रची जा रही है। इसी इनपुट के आधार पर टीम ने रोहतक में छापेमारी कर एक निजी अस्पताल से जुड़े दो डॉक्टरों और एक शिक्षक को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की हुई जांच
पूछताछ के दौरान जांच एजेंसियों ने तीनों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बारीकी से जांच की। जांच में परीक्षा तैयारी से संबंधित प्रश्न, नोट्स और अध्ययन सामग्री तो मिली, लेकिन ऐसा कोई दस्तावेज या डिजिटल सामग्री बरामद नहीं हुई जिसे नीट परीक्षा का वास्तविक प्रश्नपत्र माना जा सके।
फिलहाल कोई FIR नहीं
मामले में राकेश कुमार ने बताया कि अब तक की जांच में ऐसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया है, जिसके आधार पर आपराधिक मामला दर्ज किया जा सके। इसलिए फिलहाल किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
14 दिन तक जारी रहेगी जांच
हालांकि एसटीएफ ने मामले को पूरी तरह बंद नहीं किया है। जांच एजेंसियां अगले 14 दिनों तक मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल करेंगी। संबंधित व्यक्तियों को जांच में सहयोग करने और जरूरत पड़ने पर दोबारा पूछताछ के लिए उपलब्ध रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी तथ्यों और संभावित कड़ियों की गहन जांच की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की परीक्षा अनियमितता या धोखाधड़ी की आशंका को पूरी तरह स्पष्ट किया जा सके।

