लखनऊ। लखनऊ के अलीगंज सेक्टर-डी स्थित उस अवैध भवन को ध्वस्त किया जाएगा, जहां 25 जून को भीषण अग्निकांड में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई थी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) कोर्ट ने शुक्रवार को भवन को गिराने का आदेश जारी कर दिया है।
एलडीए चलाएगा बुलडोजर
शुक्रवार को भवन पर नोटिस चस्पा होने के साथ ही कार्रवाई का अगला चरण भी शुरू हो गया है। यदि ऊपरी अदालत से कोई स्थगन आदेश नहीं मिलता है तो एलडीए जल्द ही बुलडोजर चलाकर इमारत को ध्वस्त करेगा।
एलडीए की जांच में सामने आया कि भवन का नक्शा आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत था, लेकिन उसमें व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। भवन में कोचिंग संस्थान भी चल रहा था और निर्माण स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किया गया था। इसी आधार पर प्रवर्तन जोन-4 ने भवन मालिक वीरेंद्र शुक्ला, सुरेंद्र शुक्ला व अन्य को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर जवाब मांगा था।
READ MORE: ईसाइयों पर हमलों को लेकर आप का केंद्र पर हमला, संजय सिंह ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
संतोषजनक नहीं मिला जवाब
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा 27(1) के तहत भवन को ध्वस्त करने का आदेश पारित किया गया। एलडीए के संयुक्त सचिव अतुल कुमार ने तीन दिन तक चली सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किया। गुरुवार को फैसला सुरक्षित रखा गया था, जिसे शुक्रवार को सुनाया गया।
READ MORE: राम मंदिर विवाद: पीएमओ चुप्पी तोड़े, ट्रस्ट भंग हो, कांग्रेस की केंद्र सरकार से दो टूक मांग
हालांकि भवन मालिक के पास इस आदेश को कमिश्नर कोर्ट और उसके बाद उच्च न्यायालय में चुनौती देने का विकल्प मौजूद है। यदि किसी अदालत से स्थगन आदेश नहीं मिलता है तो एलडीए ध्वस्तीकरण की तारीख तय कर कार्रवाई करेगा।
गौरतलब है कि 25 जून को अलीगंज सेक्टर-डी स्थित इस भवन में लगी भीषण आग में कोचिंग पढ़ने आए 15 युवाओं की मौत हो गई थी।


