विनोद सैनी ,हिसार। हिसार रोडवेज डिपो में कर्मचारियों का धरना 40वें दिन भी जारी रहा। लंबित मांगों के समाधान में देरी से नाराज कर्मचारियों ने बड़ा फैसला लेते हुए हिसार और हांसी सब-डिपो की बसों को रात्रि ठहराव पर भेजने से इनकार कर दिया है। कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

हरियाणा रोडवेज सांझा मोर्चा के नेताओं का आरोप है कि प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासनों के बावजूद कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। कर्मचारियों का कहना है कि वर्ष 2023 से लंबित टीए बिल, एसीपी, मेडिकल भत्ता और अन्य कर्मचारी हितों से जुड़े मामलों की फाइलें अब भी अटकी हुई हैं।

कर्मचारी नेताओं ने महाप्रबंधक (जीएम) पर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कई मामलों का निपटारा कुछ घंटों में हो सकता है, लेकिन उन्हें जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है। उनका कहना है कि कर्मचारियों ने पहले जनहित में आंदोलन स्थगित किया था, लेकिन प्रशासन ने अपने वादे पूरे नहीं किए।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

कर्मचारी संगठनों ने प्रशासन को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो रोडवेज कर्मचारी चक्का जाम जैसे बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। कर्मचारियों के इस फैसले से आने वाले दिनों में रोडवेज सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।