रायपुर। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ी पहल की है। रायपुर और भोपाल के बीच करीब 15 हजार करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से 6 लेन इंटर-स्टेट ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे प्रस्तावित किया गया है। इस महत्वाकांक्षी कॉरिडोर के निर्माण से दोनों राज्यों के बीच आवागमन, व्यापार और परिवहन को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे मध्यप्रदेश के भोपाल, सागर, दमोह, जबलपुर और मंडला जैसे प्रमुख क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। वहीं छत्तीसगढ़ में यह कवर्धा, बेमेतरा और सिमगा होते हुए राजधानी रायपुर से जुड़ेगा। सांसद संतोष पाण्डेय ने रायपुर-भोपाल 6 लेन इंटर-स्टेट ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे की केंद्र सरकार की पहल का स्वागत किया है। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के लिए महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजना बताते हुए कहा कि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से क्षेत्र के व्यापार, परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।

व्यापार और परिवहन को मिलेगा बढ़ावा

6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनने से छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच माल परिवहन और यात्री आवागमन अधिक सुगम हो सकेगा। औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों के लिए तेज सड़क संपर्क मिलने से दोनों राज्यों के कारोबार को भी फायदा पहुंचने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के मुताबिक, नए कॉरिडोर से रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के मध्य और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों को मध्यप्रदेश के महत्वपूर्ण शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकती है। इससे लॉजिस्टिक्स और परिवहन लागत में भी कमी आने की संभावना है।

दोनों राज्यों के लिए अहम कॉरिडोर

रायपुर-भोपाल एक्सप्रेस-वे का प्रस्तावित रूट कई महत्वपूर्ण शहरों और क्षेत्रों को जोड़ता है। इसके निर्माण से न केवल दोनों राज्यों की राजधानियों के बीच संपर्क बेहतर होगा, बल्कि रास्ते में आने वाले जिलों को भी तेज और बेहतर सड़क नेटवर्क का लाभ मिल सकता है। भोपाल से रायपुर का सफर 14-15 घंटे से घटकर महज 6-7 घंटे में पूरा हो जाएगा। नया भोपाल-जबलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और जबलपुर-मंडला-छत्तीसगढ़ सीमा 6-लेन मार्ग सीधे CG से जुड़ेगा। यह एक्सप्रेसवे भोपाल, सागर, दमोह, जबलपुर, मंडला से होते हुए छत्तीसगढ़ सीमा तक जाएगा।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

जबलपुर से छत्तीसगढ़ सीमा चिल्पी घाट होते हुए रायपुर तक जाने वाले हाईवे को भी 6-लेन एक्सप्रेस-वे में बदला जाएगा। इसके लिए 2500 करोड़ पास किए गए हैं। यह MP-CG का सबसे मुख्य व्यापारिक रूट है। इस पर गाड़ियों की रफ्तार 120 KMPH तक रहेगी। राज्य सरकार के 5500 करोड़ के टाइगर कॉरिडोर से कान्हा, बांधवगढ़ और पन्ना टाइगर रिजर्व आपस में जुड़ेंगे। ऐसे में रायपुर से आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों के लिए इन टाइगर रिजर्व तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा।

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