मधुबनी। पुलिस और प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए विभिन्न थाना क्षेत्रों में चल रहे आर्केस्ट्रा संचालकों के चंगुल से 40 नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित बाहर (रेस्क्यू) निकाला है। जांच में खुलासा हुआ है कि इन मासूमों से जबरन आर्केस्ट्रा में काम कराया जाता था और उनकी आड़ में उनका शारीरिक शोषण किया जाता था। इस गंभीर मामले में तीन महिलाओं सहित कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

​संयुक्त छापेमारी अभियान और रेस्क्यू ऑपरेशन

​अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग), बिहार, पटना और मिशन मुक्ति फाउंडेशन (NGO) के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) मधुबनी के आदेशानुसार स्थानीय पुलिस, मानवाधिकार संस्था और चाइल्डलाइन टीम की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया था।
​टीम ने जिले के कई संवेदनशील थाना क्षेत्रों बासोपट्टी, अरेर, बेनीपट्टी, खजौली और लौकहा में संचालित हो रहे आर्केस्ट्रा अड्डों पर अचानक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान कुल 40 नाबालिग बालिकाओं को मुक्त कराया गया, जिन्हें सुरक्षित रूप से महिला थाना, मधुबनी लाया गया है।

​संगीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज

​एसएसपी योगेंद्र कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस अवैध धंधे में संलिप्त आर्केस्ट्रा संचालक और अन्य कर्मियों पर शिकंजा कसा गया है। महिला थाना में मामला दर्ज किया गया है।
​आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं जैसे 79, 111, 141, 143, 145, 98, 296, 3(5), इसके अलावा जेजे एक्ट (धारा 79), बंधुआ मजदूर अधिनियम (धारा 16, 17, 18) तथा पॉक्सो एक्ट (धारा 13, 14) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तार किए गए कुल 15 लोगों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

​अंतर-राज्यीय नेटवर्क और आरोपियों की पहचान

​यह मामला मानव तस्करी और अंतर-राज्यीय रैकेट की ओर इशारा करता है। रेस्क्यू की गई मासूम बच्चियां देश के विभिन्न राज्यों से लाई गई थीं, वहीं गिरफ्तार अभियुक्त भी अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं।
​प्रमुख गिरफ्तार आरोपी: पश्चिमी चंपारण से इरफान आलम, राहुल सिंह, नंदलाल प्रसाद, अजय कुमार; मधुबनी से श्याम यादव, नंदकिशोर यादव, देवचंद्र परनामी, संजय दास; सीवान से परमेश्वर राम; पश्चिम बंगाल (नादिया) से समरशिल; 24 परगना से काशी नाथ मंडल; और उत्तर प्रदेश के महाराजगंज से आयुष शर्मा शामिल हैं। इनके अलावा 3 महिलाओं को भी गिरफ्तार किया गया है।

प्रशासन की सख्त चेतावनी

​मुक्त कराई गई सभी नाबालिग बालिकाओं को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और उनकी सुरक्षा व देखभाल के लिए तुरंत बालिका गृह में भेजा जाएगा।
​एसएसपी ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि बच्चों और बालिकाओं को किसी भी प्रकार के शोषण, अवैध रोजगार या मानव तस्करी जैसी घृणित गतिविधियों में धकेलने वालों के खिलाफ जिला पुलिस का यह अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।