चंडीगढ़। हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने आम जनता और युवाओं के लिए फैसलों का पिटारा खोल दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में करीब छह घंटे तक चली कैबिनेट की मैराथन बैठक खत्म हो गई है। इस अहम मीटिंग में कुल 27 एजेंडे टेबल पर रखे गए थे, जिन पर गहन चर्चा के बाद कई बड़े और ऐतिहासिक फैसलों पर अंतिम मुहर लगा दी गई है।
ईवी गाड़ियों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ
प्रदूषण पर लगाम लगाने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने सबसे बड़ा दांव खेला है। अब हरियाणा में दोपहिया, तीन पहिया और चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने पर कोई रजिस्ट्रेशन शुल्क या रोड टैक्स नहीं देना होगा। सरकार ने इसे शत-प्रतिशत यानी 100 फीसदी माफ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
इससे पहले राज्य में सिर्फ 20 फीसदी की छूट मिलती थी। चंडीगढ़ और दिल्ली की तर्ज पर लिए गए इस फैसले से राज्य में नई गाड़ियां खरीदना काफी सस्ता हो जाएगा। हालांकि, इस नीति में फिलहाल किसी तरह की नकद सब्सिडी का प्रावधान नहीं रखा गया है।
दिल्ली-एनसीआर में अब सिर्फ सीएनजी और इलेक्ट्रिक गाड़ियां
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक और बड़ा ऐलान किया है। अब हरियाणा के तहत आने वाले दिल्ली-एनसीआर (NCR) के इलाकों में केवल सीएनजी (CNG) और इलेक्ट्रिक (EV) वाहन ही चलाए जा सकेंगे। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में बनीं अनाधिकृत कॉलोनियों को राहत देने के लिए एक विशेष नीति बनाने को भी मंजूरी दी गई है। बैठक में राज्य की नई औद्योगिक नीति 2026 के प्रारूप को भी पास कर दिया गया है।
युवाओं को राहत: वैध माने जाएंगे बीसीए और बीसीबी सर्टिफिकेट
कैबिनेट मीटिंग के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि हमारी सरकार ने सूबे के युवाओं को बहुत बड़ी राहत दी है। अब भर्ती और अन्य सरकारी कामों में बीसीए (BCA) और बीसीबी (BCB) वर्ग के प्रमाण पत्रों को पूरी तरह वैध माना जाएगा। इसके अलावा शिक्षा विभाग में फील्ड कैडर के खाली पड़े पदों को अब केवल प्रमोशन और डेपुटेशन (प्रतिनियुक्ति) के जरिए ही भरा जाएगा।
गांवों के लिए भी बड़ा फैसला
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए कैबिनेट ने एक और बेहतरीन फैसला लिया है। अब गांवों में काम करने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) को डेयरी उद्योग स्थापित करने के लिए सरकारी जमीन पट्टे (लीज) पर दी जाएगी। इससे ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए साधन पैदा होंगे।

