कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़।मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के असर के बीच हरियाणा सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए अगले 6 महीने तक इंपोर्टेड तारकोल के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है।

तारकोल महंगा, सप्लाई आधी
समीक्षा बैठक में सामने आया कि 28 फरवरी को जो तारकोल ₹46,402 प्रति मीट्रिक टन था वह 1 अप्रैल को बढ़कर ₹76,152 प्रति मीट्रिक टन हो गया। यानी एक महीने में ही कीमतों में भारी उछाल आ गया। यही सप्लाई भी 50% तक प्रभावित हो गई। ऐसे में केंद्र की मंजूरी के बाद हरियाणा ने भी इंपोर्टेड तारकोल अपनाने का फैसला किया।

गड्ढों पर तुरंत एक्शन: पैच वर्क मशीन अनिवार्य
CM ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि हर जिले में Patch Work Machines (पैच वर्क मशीन) का इस्तेमाल किया जाए और सड़कों के गड्ढे तुरंत भरने के आदेश दिए।

‘म्हारी सड़क’ ऐप पर फास्ट एक्शन
म्हारी सड़क ऐप पर आने वाली शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए है। उन्होंने संबंधित कंपनी से तुरंत मरम्मत करवाने के आदेश जारी किए।

63,170 KM सड़कों का लक्ष्य
सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 63,170 किलोमीटर सड़कों के निर्माण/मरम्मत का लक्ष्य रखा है। सभी काम मानसून से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए है।

शहरों में बनेंगी स्मार्ट रोड
CM ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में “किस सड़क की जिम्मेदारी किस विभाग की है” यह भ्रम खत्म किया जाए और एक कमेटी बनाकर जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने बताया कि शहरों में Smart Roads (स्मार्ट सड़कें) विकसित की जाएंगी

CM का स्पष्ट संदेश
खराब सड़कें जनता के लिए परेशानी हैं, इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।