भुवनेश्वर: ओडिशा में रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. भारतीय रेलवे ने पूर्व तट रेलवे (ECoR) के तहत 631 रूट किलोमीटर (RKm) क्षेत्र में स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ (Kavach) लगाने के लिए 270 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है. ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुए इसे राज्य के रेल बुनियादी ढांचे के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताया है.

रेल मंत्रालय के अनुसार, इस सुरक्षा कवच के तहत पूर्व तट रेलवे के 6 प्रमुख रेल खंडों (सेक्शन्स) को शामिल किया गया है:

बागुआपाल-बुढ़ापंक
हरिदासपुर-पारादीप
खुर्दा रोड-बलांगीर
नुआपड़ा -गुनुपुर
लांजीगढ़ रोड-जूनागढ़
बोब्बिली-सालूर

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी पोस्ट में कहा कि इस आधुनिक और पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक के लागू होने से यात्रियों की सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार होगा. इससे ट्रेन दुर्घटनाओं का खतरा न के बराबर हो जाएगा और रेल सेवाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी. उन्होंने आगे कहा कि यह कदम न केवल ओडिशा के लोगों को सुरक्षित यात्रा का अनुभव देगा, बल्कि राज्य की आर्थिक प्रगति और बेहतर कनेक्टिविटी में भी मदद करेगा.

मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “रेल सुरक्षा को मजबूत करने और देश के रेल नेटवर्क के आधुनिकिकरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सराहनीय है.”

क्या है ‘कवच’ प्रणाली और यह कैसे काम करती है?

‘कवच’ भारत का अपना निर्मित ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) सिस्टम है. यह ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकने, सिग्नल तोड़ने (SPAD) और तय सीमा से अधिक रफ्तार (ओवर-स्पीडिंग) पर नियंत्रण रखने के लिए डिजाइन किया गया है. यह तकनीक ट्रेन की आवाजाही पर लगातार नजर रखती है और किसी भी खतरे की स्थिति में स्वचालित रूप से ब्रेक लगा देती है. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह प्रणाली सर्दियों के मौसम में घने कोहरे के दौरान भी सुरक्षित और समय पर ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने में बेहद मददगार साबित होती है.