राजधानी दिल्ली में बिजली चोरी रोकने के लिए बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया गया है। बिजली मंत्री आशीष सूद (Ashish Sood) के निर्देशों पर बिजली विभाग ने उन इलाकों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया है, जहां बिजली चोरी और लाइन लॉस की समस्या अधिक है। अभियान के तहत ज्यादा नुकसान वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है और बिजली चोरी रोकने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग का उद्देश्य बिजली वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाना और अनधिकृत बिजली उपयोग पर लगाम लगाना है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली के अधिक बिजली नुकसान वाले इलाकों में शामिल कमरुद्दीन नगर में पहले की तुलना में सुधार देखने को मिला है। बिजली चोरी पर नियंत्रण और निगरानी बढ़ने से इलाके में बिजली विभाग के नुकसान में कमी आने का दावा किया जा रहा है।

दिल्ली में बिजली चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पश्चिमी दिल्ली के मुंडका क्षेत्र स्थित कमरुद्दीन नगर में बड़ा सुधार देखने को मिला है। बिजली मंत्री आशीष सूद के निर्देश पर बिजली चोरी रोकने और लाइन लॉस कम करने के लिए इलाके में सख्ती बढ़ाई गई थी। बिजली विभाग के अनुसार, कुछ समय पहले कमरुद्दीन नगर में बिजली नुकसान का स्तर 56 % से भी ज्यादा पहुंच गया था। बिजली चोरी के कारण विभाग को करीब 24.4 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हो रहा था। इसके बाद विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई और बिजली चोरी रोकने के लिए अभियान चलाया। कार्रवाई और जागरूकता प्रयासों के बाद इलाके में बिजली नुकसान को कम करने में सफलता मिलने का दावा किया गया है।

60 लाख यूनिट से ज्यादा चोरी रोकी

बिजली चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बिजली विभाग ने अवैध कमर्शियल और इंडस्ट्रियल यूनिट्स पर सख्ती शुरू कर दी है। जांच में सामने आया कि कई जगहों पर अवैध कनेक्शन के जरिए बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा था। विभाग के अनुसार, सबसे ज्यादा बिजली चोरी अवैध रूप से चल रही व्यावसायिक और औद्योगिक इकाइयों में पाई गई। कई स्थानों पर ओवरहेड पावर लाइन से अवैध तरीके से कनेक्शन लेकर बिजली का उपयोग किया जा रहा था। बिजली चोरी रोकने के लिए बिजली मंत्री आशीष सूद ने डिस्कॉम और प्रवर्तन एजेंसियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके बाद कई इलाकों में छापेमारी अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान विभाग ने 60 लाख यूनिट (6 मिलियन यूनिट) से अधिक बिजली चोरी रोकने का दावा किया है।

ऊर्जा मंत्री आशीष सूद के निर्देश पर डिस्कॉम और संबंधित प्रवर्तन एजेंसियों को बिजली चोरी के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने को कहा गया था। इसी के तहत बड़े स्तर पर प्रवर्तन अभियान चलाया गया, जिसके परिणामस्वरूप 1 करोड़ यूनिट (kWh) से अधिक बिजली चोरी को रोकने का दावा किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, अभियान का असर तुरंत देखने को मिला और चिन्हित क्षेत्रों में बिजली चोरी प्रतिदिन करीब 34,000 यूनिट तक कम हुई है। सरकार अब इस सुधार को स्थायी बनाने की योजना पर काम कर रही है। इसके तहत बिजली चोरी की आशंका वाले संवेदनशील इलाकों में पुरानी बिजली लाइनों को सुरक्षित और चोरी-रोधी आर्मर्ड केबलों से बदला जाएगा।

AAP सरकार पर हमला

ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने पिछली आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा है। ऊर्जा मंत्री ने आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर हो रही बिजली चोरी पिछली सरकार के कार्यकाल में लंबे समय तक जारी रही और बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद प्रभावी सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए। सूद ने कहा कि अवैध व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई नहीं होने से वर्षों तक सार्वजनिक धन को नुकसान पहुंचता रहा। उन्होंने इसे प्रशासनिक विफलता बताते हुए कहा कि इसका असर ईमानदार करदाताओं और नियमित रूप से बिजली बिल भरने वाले उपभोक्ताओं पर पड़ा। उन्होंने कहा कि जहां आम उपभोक्ता समय पर अपने बिजली बिलों का भुगतान करते रहे, वहीं दूसरी ओर बड़े स्तर पर बिजली चोरी की गतिविधियां चलती रहीं। सरकार अब ऐसे क्षेत्रों में सख्त कार्रवाई कर बिजली चोरी रोकने और व्यवस्था को बेहतर बनाने पर काम कर रही है।

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