नई दिल्ली। गुजरात के मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को दिल्ली में बड़ी कार्रवाई की। ED की टीमों ने राजधानी में 5 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित तौर पर करीब 21,000 करोड़ रुपये कीमत के 3,000 किलोग्राम ड्रग्स की तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच के तहत की गई है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि ड्रग्स तस्करी से अर्जित धन का इस्तेमाल कहां और किस तरह किया गया। सूत्रों के अनुसार, ईडी की जांच ड्रग्स तस्करी से जुड़े आर्थिक लेनदेन, संदिग्ध निवेश और अवैध कमाई के नेटवर्क पर केंद्रित है। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने संबंधित परिसरों से दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की।

एजेंसी अब कथित तौर पर ड्रग्स तस्करी से हुई अवैध कमाई को खपाने और निवेश करने के तरीकों की जांच कर रही है। जांच एजेंसियों को मिले कुछ अहम इनपुट के आधार पर बुधवार को दिल्ली में पांच ठिकानों पर छापेमारी की गई। सूत्रों के अनुसार, ईडी यह पता लगाने में जुटी है कि नशीले पदार्थों की तस्करी से हासिल काले धन को किन माध्यमों से सफेद किया गया। एजेंसी को आशंका है कि ड्रग्स के अवैध कारोबार से अर्जित बड़ी रकम को दिल्ली के कुछ चर्चित नाइट क्लबों और अन्य कारोबारों में निवेश किया गया हो सकता है। इसी एंगल से वित्तीय लेनदेन, निवेश और संदिग्ध गतिविधियों की जांच की जा रही है।

हरप्रीत सिंह तलवार के ठिकानों पर रेड

ED सूत्रों के मुताबिक, इस कार्रवाई का मुख्य फोकस मामले से जुड़े दो प्रमुख किरदारों पर रहा। एजेंसी ने हरप्रीत सिंह तलवार, शम्सुद्दीन और उनके सहयोगियों से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। जांच एजेंसियों के अनुसार, मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स मामले में हरप्रीत सिंह तलवार की भूमिका की पहले भी जांच हो चुकी है। इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उसे गिरफ्तार किया था। वह हाल ही में जमानत पर बाहर आया था।

क्या है 21 हजार करोड़ रुपये का मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स केस?

गुजरात के मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स केस देश के सबसे बड़े मादक पदार्थ बरामदगी मामलों में शामिल है। इस मामले में जांच एजेंसियों ने करीब 3,000 किलोग्राम हेरोइन की एक बड़ी खेप जब्त की थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 21,000 करोड़ रुपये आंकी गई थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह कार्रवाई गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर की गई थी, जहां बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद होने के बाद मामला सामने आया। इसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) समेत कई जांच एजेंसियों ने इस मामले की जांच शुरू की। मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रहा है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित ड्रग्स तस्करी से अर्जित धन का इस्तेमाल कहां किया गया और इस अवैध कमाई को किस तरह निवेश या छिपाने की कोशिश की गई।

कांग्रेस ने PM मोदी पर बोला था हमला

गुजरात के मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स केस को लेकर 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई थी। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर तत्कालीन भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट और राज्य के अन्य बंदरगाहों से कथित तौर पर बड़ी मात्रा में ड्रग्स बरामद होने के मामलों को लेकर सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए थे। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि गुजरात में कारोबार को आसान बनाने के बजाय “ड्रग्स के कारोबार को आसान” होने जैसी स्थिति बन गई है। उन्होंने सरकार से सवाल किया था कि इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की बरामदगी के बावजूद प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर कब तक चुप रहेंगे।

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