कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। नगर निगम के बहुचर्चित एनिमल केयर फाउंडेशन मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। पडाव थाना पुलिस ने नगर निगम आयुक्त कार्यालय की शिकायत पर पशु चिकित्सक डॉ. रविरमन शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि साल 2022 में आवारा पशुओं के एनिमल बर्थ कंट्रोल और पुनर्वास से जुड़े काम में फर्जी शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया था।जिसके जरिए निगम ने भुगतान भी करा लिया था।
दस्तावेज में डॉ राघव पाराशर का नाम
दरअसल नगर निगम ग्वालियर को एक शिकायत मिली थी, जिसमें छत्तीसगढ़ की एनिमल केयर फाउंडेशन संस्था द्वारा साल 2022 में किए गए कार्यों से जुड़े दस्तावेजों पर सवाल उठाए गए थे। जांच के दौरान सामने आया कि संस्था की ओर से दिए गए शपथ पत्र में जिस व्यक्ति के हस्ताक्षर बताए गए थे, उसके स्थान पर पशु चिकित्सक डॉ. रविरमन शर्मा ने हस्ताक्षर किए थे। जबकि दस्तावेज में डॉ राघव पाराशर नाम के व्यक्ति का नाम लिखा था। इसके जरिए लगभग 06 लाख का भुगतान भी कराया गया था, नगर निगम ने मामले की शुरुआती जांच कर नोटिस के जरिए संबंधित संस्था से जबाब भी मांगा था।
अन्य कौन-कौन लोग शामिल जांच जारी
जांच में दस्तावेजों और हस्ताक्षरों में गड़बड़ियां पाए जाने के बाद इसे फर्जीवाड़ा माना गया। इसके बाद नगर निगम आयुक्त कार्यालय की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर डॉ. रविरमन शर्मा के खिलाफ BNS की धारा 420, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस पूरे मामले की विवेचना कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी शपथ पत्र किस उद्देश्य से तैयार किया गया था और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। फिलहाल पड़ाव थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

